- गोदाम से गाड़ी में लोड कर खराजपुर गांव के राशन डिपो पर भेजा गया था भीगा गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खराजपुर गांव के राशन डिपो पर भीगा गेहूं भेजने के मामले में दो विभागों ने अपने-अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इनके लिए दो टीमों का गठन किया गया है। टीमें मौके पर जाकर जांच करेगी। हालांकि अधिकारियों ने जांच से पहले ही गेहूं भीगने का अलग तर्क भी दिया है। जिसमें स्टेट वेयर हाउस के डीएम का कहना है कि जिस गोदाम में गेहूं रखा है वहां की छत टूटी है, इस कारण गेहूं गीला हो गया। लेकिन कई दिनों तक बारिश भी नहीं हुई है। ऐसे में गेहूं कैसे भीग गया। यह बड़ा सवाल है।
हालांकि अधिकारी का कहना है कि उन्होंने टीम बना दी है जो मौके पर जाकर जांच करेगी। उम्मीद है कि जांच टीम दो दिन में अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप देगी। घीड़ गांव में स्टेट वेयर हाउस का गोदाम है, जहां पर गेहूं का स्टॉक रखा है। उसे गोदाम से 27 जनवरी को एक गाड़ी में लोड होकर खराजपुर गांव के राशन डिपो पर भेजा गया। जब डिपो होल्डर के पति ने गेहूं के कट्टे देखे तो भीगे थे, गेहूं खराब अवस्था में था। उसने तुरंत इसकी जानकारी डीएफएससी को दी।
उन्होंने विभाग के निरीक्षक को शिकायतकर्ता के साथ घीड़ के गोदाम पर भेजा। शिकायतकर्ता विकास का कहना है कि वहां काफी स्टॉक भीगा था। वहां पर तैनात कर्मचारी ने भी माना है कि उसने गेहूं पर पानी का छिड़काव किया है।
बिना जांच किए भेज दिया गेहूं
गोदाम से जब गेहूं निकलता है तो एफसीआई के अधिकारी उस गेहूं के सैंपल लेकर जांच करते हैं कि ठीक है या नहीं, नमी कितनी है। लेकिन एफसीआई के अधिकारी ने इसकी जांच नहीं की और भीगा हुआ गेहूं राशन डिपो पर भेज दिया। इस पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अंदेशा है कि एफसीआई के अधिकारी और वेयर हाउस के अधिकारी ने मिलीभगत कर ही भीगे हुए गेहूं को राशन डिपो पर भेजा है। हालांकि एफसीआई के अधिकारी ने भी जांच टीम बनाकर जांच के आदेश दे दिए हैं।
एक डिपो पर भीगा हुआ गेहूं पहुंचा है। यह मामला संज्ञान में है। वह गेहूं बदलवाने के आदेश दे दिए हैं। गेहूं कैसे भीगा इसकी जांच के लिए टीम बना दी है।
- विशाल दहिया, डीएम स्टेट वेयर हाउस, पानीपत
राशन डिपो पर बिना जांच के गेहूं पहुंचा है। इसकी जांच कराई जा रही है। टीम दो दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अमिताभ, डीएम एफसीआई करनाल