माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सेक्टर-12 स्थित जाट भवन में सोमवार को एचएफपीसी फार्मर्स प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एफपीओ) किसान समूह की 10वीं वार्षिक बैठक हुई। इसमें भारतीय कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गुरबचन सिंह सहित कई वैज्ञानिकों ने किसानों को आमदनी बढ़ाने की सलाह दी। किसानों को स्वयं कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण और मार्केटिंग करने के लिए प्रेरित किया गया।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय स्टेशन करनाल के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार यादव, डॉ. गुरबचन सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ. अनुज कुमार, निफ्को के चेयरमैन डॉ. सरदार सिंह, नाबार्ड के एजीएम हिमांशु खत्री, केनरा बैंक के एजीएम सूर्यप्रकाश, विजय सेतिया, कोरोमंडल के वरिष्ठ एग्रोनोमिस्ट डॉ. सोनू चौहान, डॉ. डीएस मलिक व डॉ. एसपी तोमर ने किसानों को नवीनतन खेती और जलवायु परिवर्तन के खतरों से आगाह करते हुए मुनाफे वाली खेती करने के लिए प्रेरित किया।
नाबार्ड एजीएम. हिमांशु खत्री ने कहा कि एफपीओ बनाने का सरकार का मकसद है छोटे और सीमांत किसानों का समूह बनाकर उनकी आमदनी बढ़ाना। हरियाणा में अब तक सभी एफपीओ में करीब 50 हजार किसान जुड़ चुके हैं। राष्ट्रपति अवार्डी किसान धर्मबीर कांबोज दामला ने कहा कि किसान जब प्रसंस्कृत उत्पाद बेचेगा तभी उसे मुनाफा होगा। किसान को चाहिए कि फूड, हर्बल व मसाला की प्रोसैसिंग में स्वयं आए और मार्केटिंग करें।