किसानों ने मुआवजे को लेकर असंध के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए फिर
से किसानों ने असंध तहसील के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक प्रधान जोगिंद्र सिंह ने धरने की अध्यक्षता
की व धरने का नेतृत्व हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष
जगदीश सिंह झिंडा कर रहे थे। मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन
के सेवा सिंह आर्य गुट द्वारा 18 मई से 12 दिनों तक किसान एसडीएम कार्यालय
के बाहर धरने पर बैठे रहे जब कोई अधिकारी व नेता किसानों की समस्या सुनने
नहीं आया तो किसानों ने रणनीति बनाने के लिए महापंचायत बुलाई तो किसानों के
दबाव को देखते हुए एसडीएम असंध व विधायक बख्शीश सिंह विर्क किसानों के
समक्ष धरना स्थल पर पहुंचे थे। मुआवजे की समस्या को हल करने के लिए एक जांच
कमेटी बनाई गई थी, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला। जांच कमेटी व
विधायक के आश्वासन से संतुष्ट न होकर जोगिंद्र सिंह ने आंदोलन करने का ऐलान
किया था इसको लेकर सोमवार को फिर से किसानों ने संघर्ष का बिगुल बजाते हुए
एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
इस बारे
धरने की अगुवाई कर रहे हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष
जगदीश सिंह झिंडा ने बताया कि बेमौसमी बारिश के कारण खराब हुई फसलों का
मुआवजा न मिलने के कारण किसानों में सरकार के प्रति रोष था जिसको लेकर हाई
पावर कमेटी का गठन किया गया था।
झिंडा ने बताया कि मुख्यमंत्री को एसडीएम
के माध्यम से मुआवजे की मंाग को लेकर ज्ञापन दिया है, अगर सरकार ने जल्द ही
किसानों को मुआवजे नहीं दिया तो संघर्ष कमेटी आंदोलन करने से पीछे नहीं
हटेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने पर किसान यूनियन के वरिष्ठ
नेता रतन मान, किसान महासभा के प्रदेश महासचिव सतपाल बैनिवाल, साहब सिंह
मर्दानखेडा, जसवंत सिंह पन्नु, सतबीर सिंधड, गुरचरण भट्टी, मेहर सिंह,
सुखविंद्र झब्बर, रिषिपाल दूपेडी, बलमत पंघाला ,शीशपाल कामरेड, भल्ले राम,
फतेह सिंह मौजूद रहे।