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Karnal News: धान घोटाला होने के बाद खुली आंख, चावल वापसी पर सख्ती

Mon, 01 Jun 2026 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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मंडी
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जितेंद्र नरवाल
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करनाल। जिले में धान की मिलिंग के बाद सरकार को लौटाए जाने वाले चावल की प्रक्रिया पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने निगरानी और कड़ी कर दी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले की राइस मिलों ने अब तक निर्धारित लक्ष्य का करीब 52 प्रतिशत चावल ही लौटाया है। विभाग उन मिलों पर नजर रख रहा है जिन्होंने निर्धारित अनुपात से कम चावल लौटाया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले की सभी राइस मिलों के रिकॉर्ड, स्टॉक और चावल वापसी की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। जिन मिलों के जमा किए गए चावल में अंतर पाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, जिले की 152 राइस मिलों को कुल 68,91,393 क्विंटल धान मिलिंग के लिए आवंटित किया गया था। निर्धारित मानकों के अनुसार मिलों को इस धान से 46,17,233 क्विंटल चावल तैयार कर सरकारी एजेंसियों को लौटाना था। अब तक राइस मिलें केवल 24,08,833 क्विंटल चावल ही जमा करा सकी हैं। यह कुल देय चावल का लगभग 52 प्रतिशत है। विभाग के अनुसार कई मिलें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चावल जमा कर रही हैं, जबकि कुछ मिलों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, जिनकी विशेष निगरानी की जा रही है।
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घोटाले के बाद और बढ़ी है सतर्कता: हाल ही में तरावड़ी स्थित बालाजी राइस मिल और विश्वकर्मा राइस मिल के भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 12.60 करोड़ रुपये के धान-चावल घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया था कि मिलों की ओर से रिकॉर्ड में दर्शाई गई मात्रा और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में भारी अंतर था। मामले के उजागर होने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले की अन्य राइस मिलों की निगरानी भी बढ़ा दी है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते निगरानी नहीं की गई तो सरकारी धान और चावल के नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।
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