करनाल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को हरियाणा का बजट पेश करेंगे। प्रदेशभर की तरह शहर में भी अलग-अलग वर्गों को इस बजट से खास उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि यह बजट प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करेगा। शहर की विकास योजनाओं को धन मिलने की उम्मीद है।
अर्थशास्त्री मुकेश शर्मा का कहना है कि सरकार को विकास दर बढ़ाने के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि करनी चाहिए। इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्योग में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मध्यम वर्ग को कर राहत देने से बाजार में मांग मजबूत होगी।
किसान नेता बहादुर मेहला का कहना है कि फसल विविधीकरण और एमएसपी पर स्पष्ट नीति जरूरी है। सिंचाई, बीज और खाद पर सब्सिडी बढ़ाई जानी चाहिए। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज मिले।
खिलाड़ी नीरज बोलीं कि गांवों में खेल स्टेडियम और आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं। खिलाड़ियों के लिए बेहतर कोचिंग और स्कॉलरशिप जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए स्पोर्ट्स बजट बढ़ना चाहिए।
सीए जतिन अरोड़ा का कहना है कि एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए टैक्स नियम सरल किए जाएं। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने से पारदर्शिता बढ़ेगी। निवेश को आकर्षित करने के लिए स्थिर कर नीति जरूरी है।
स्टांप ड्यूटी में राहत मिले
सस्ती आवास योजनाओं को और मजबूत किया जाए। स्टांप ड्यूटी में राहत से बाजार को गति मिलेगी। नई टाउनशिप और शहरी विकास से निवेश बढ़ेगा।
-सतीश गोयल, रियल एस्टेट कारोबारी
महंगाई पर लगाम लगे
महंगाई से घर का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। रसोई गैस, खाद्य तेल और रोजमर्रा की चीजों पर राहत मिलनी चाहिए। महिलाओं के लिए बचत और स्वरोजगार योजनाएं बढ़ाई जाएं। -रजनी, गृहणी