करनाल। जज्बा हो तो आपको सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। उम्र चाहे कुछ भी हो आप निरंतर अभ्यास के दम पर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। जिले की ताइक्वांडो खिलाड़ी गाैरांशी इसका उदाहरण हैं। वह अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में धाक जमा चुकी हैं।अब किसी परिचय की मोहताज नहीं है।
गौरांशी कहना है कि पिता रितेश व माता प्रीति की प्रेरणा से वह राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बन पाईं। सफलता में कोच मनीष कुमार का भी मुख्य योगदान है। वह छह सालों से उन्हें ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दे रहे हैं। कोच मनीष ने बताया कि गाैरांशी अंडर-17 आयु वर्ग की खिलाड़ी हैं। जब प्रशिक्षण के लिए आई थीं तो महज सात साल की थीं। आठ सालों में गाैरांशी ने जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर का सफर तय किया है। इस समय गाैरांशी की उम्र करीब 15 साल है और वह दिल्ली पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा हैं। गाैरांशी ने बताया कि वह दसवीं की पढ़ाई के साथ अक्तूबर में होने वाली चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही हैं। इस बार उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतने का रहेगा।
उपलब्धियां
- 2025 में राज्य स्तरीय फ्यूचर स्टार्स ताइक्वांडो चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- 2025 में कुरुक्षेत्र में आयोजित अस्मिता लीग में भी कांस्य पदक प्राप्त किया।
- 2024 में सोनीपत में आयोजित सीबीएसई नाॅर्थ जोन दो में कांस्य पदक हासिल किया।