योजना के अनुसार, यदि कंपनी में एक हजार से कम कर्मचारी हैं तो कर्मचारी के पीएफ का कटने वाला 24 प्रतिशत भाग सरकार देगी। यदि कर्मचारियों की संख्या कंपनी में एक हजार से ज्यादा है तो केवल कर्मचारी के हिस्से के कटने वाले 12 प्रतिशत पीएफ की राशि सरकार देगी। कंपनी को अपने हिस्से के 12 प्रतिशत खुद ही पहले की तरह जमा कराने होंगे। योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी का वेतन 15 हजार रुपये से कम और कर्मचारियों के पास आधार से लिंक हुआ यूएएन होना जरूरी है।
योजना का लाभ देने के लिए विभाग ने एक विशेष सॉफ्टवेयर भी तैयार किया है जिसमें कर्मचारी की ईसीआर अपलोड करने पर ही उनके खाते में खुद पीएफ के पैसे जमा हो जाएंगे। विभाग के प्रयास का मुख्य उद्देश्य है कि कोरोनाकाल में हुई बेरोजगारी कि भरपाई कर्मचारी को पूरी सैलरी देकर की जा सके। यदि कर्मचारियों की संख्या योजना के मानकों के अनुसार है तो कंपनी को भी इसका फायदा होगा। - अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल।