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रिश्वतखोरी का आरोपी ईओ फिर दो दिन की रिमांड पर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। स्टेट विजिलेंस की टीम ने एचएसवीपी के संपदा अधिकारी (ईओ) दीपक घणघस को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान ईओ के वकील भी पूछताछ में शामिल रहेंगे। वहीं आरोपी ईओ से आरोपी जेई के माध्यम से ली जा चुकी राशि के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। संपदा अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि, कई अन्य अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। विजिलेंस टीम हर पहलू की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने में लगी है।
ईओ दीपक घणघस पर आरोप है कि वह जेई के माध्यम से कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर मोटी रकम लेता था। वहीं रिश्वत मामले में कुछ दिन पहले पकड़े गए जेई प्रद्युमन के घर से रिकवर हुए 20 लाख रुपये में से आठ लाख रुपये संपदा अधिकारी को देने थे। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले ही कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर पांच लाख रुपये ले चुके थे, इन पैसों में भी 25 से 30 प्रतिशत राशि ईओ की होती थी। मामले में ईओ से पूछताछ की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ चुके।
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सात लोगों को दिया गया है नोटिस
स्टेट विजिलेंस टीम ने रिश्वत मामले में सात अधिकारियों को नोटिस भेजकर जांच के लिए बुलाया है, इनमें से करीब दो कर्मचारियों ने जांच में शामिल होकर बयान दर्ज करवाए हैं, लेकिन बयान दर्ज करवाने वाले व अन्य अधिकारी-कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं। यही नहीं, एक अधिकारी बीमार है, जो आईसीयू में भर्ती है। विजिलेंस अधिकारी के अनुसार सभी आरोपी कर्मचारियों और अधिकारियों को जांच में शामिल किया जाएगा।
आर्किटैक्ट के माध्यम से भी करता था वसूली
मामले में खुलासा हुआ है कि संपदा अधिकारी जेई के माध्यम से तो जेई आर्किटैक्ट के माध्यम से लोगों को कंपलीशन सर्टिफिकेट देने के नाम पर अवैध वसूली करते थे। प्रति ग्राहक से 30 से 35 हजार रुपये वसूलते थे। जब वसूली के रूप में मोटी रकम जमा हो जाती थी तो उसमें से करीब 25 प्रतिशत से अधिक राशि संपदा अधिकारी तक पहुंच जाती थी। जो राशि गिरफ्तार किए गए जेई के घर से बरामद हुई है, उसमें से आठ लाख रुपये की राशि ईओ को पहुंचानी थी, लेकिन रेड के दौरान पहले ही जेई को पकड़ लिया गया। ऐसे में पेमेंट ईओ तक नहीं पहुंचाई जा सकी।
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आरोपी ईओ को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दो दिन के रिमांड पर भेजा है। इस रिमांड के दौरान आरोपी का वकील भी जांच में शामिल रहेगा। रिमांड के दौरान ईओ से रिश्वत के पांच लाख रुपये बरामद किए जाएंगे।
- सचिन कुमार, इंस्पेक्टर, स्टेट विजिलेंस, करनाल।
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