करनाल। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में इस वर्ष छात्रों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। कक्षा पांच तक कुल 47,842 विद्यार्थी नामांकित हैं, जो पिछले साल से करीब 1000 से 1200 कम हैं। गिरते नामांकन के बीच विभाग ने अब विशेष रणनीति बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों, कम आबादी वाले गांवों और प्राइवेट स्कूलों के आसपास स्थित सरकारी स्कूलों पर फोकस बढ़ा दिया है, ताकि छूटे हुए बच्चों को फिर से स्कूलों से जोड़ा जा सके।
जिला शिक्षा विभाग ने इस वर्ष नामांकन में 10 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं जैसे मिड-डे मील, मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा। ब्लॉक वार आंकड़ों की बात करें, तो करनाल ब्लॉक में सबसे अधिक 13,786 विद्यार्थी, घरौंडा में 9,838, नीलोखेड़ी में 7,039, इंद्री में 6,528 और असंध में 5,747 विद्यार्थी दर्ज किए गए हैं। वहीं, सबसे कम 4,904 विद्यार्थी निसिंग चिड़ाओं ब्लॉक में है। विभाग अब घर-घर जाकर बच्चों की पहचान कर उन्हें सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का प्रयास करेगा।
ब्लॉक बालवाटिका कक्षा 1 कक्षा 2 कक्षा 3 कक्षा 4 कक्षा 5
करनाल 1518 1953 1960 2057 2960 3338
असंध 868 906 775 716 1084 1378
इंद्री 914 1087 878 916 1276 1457
घरौंडा 1346 1422 1332 1393 2016 2329
नीलोखेड़ी 948 1042 995 968 1412 1674
निसिंग चिड़ाओ 665 774 663 606 987 1229
कुल 6259 7184 6603 6656 9735 11405
- 26 स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी
अधिकारियों का कहना है कि यदि डोर-टू-डोर सर्वे और जागरूकता अभियान के बाद भी संख्या नहीं बढ़ी, तो इन स्कूलों को पास के बड़े स्कूलों में मर्ज करने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जिले में कई ऐसे प्राथमिक विद्यालय सामने आए हैं, जहां 20 से भी कम विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें निसिंग में सबसे अधिक नौ स्कूल हैं। इंद्री में आठ, असंध ब्लॉक में चार, नीलोखेड़ी में तीन और करनाल में दो स्कूल हैं।
- इन स्कूलों में हैं 20 से कम विद्यार्थी
पंचगेरिया में 8 विद्यार्थी, डेरा गुजराखियां में 17, मनक माजरा रोड़ान 7, अलीपुर वीरान 11, मानपुरा 17, भैणी कलां 19, गोविंदगढ़ 8, चौगामा 19, हेमदा 19, रणजीत नगर 13, डेरा फूला सिंह 3, कुचपुरा 18, कामो का डेरा 17, डेरा गामा 4, नेवल खुर्द 2, गिटलपुर 16, न्यू झींडा 11, रामनगर 8, रामगढ़ 6, खांडाखेड़ी 14, गुल्लरपुर 18, बीड़ माजरा 15, गुमटों 18, बीड़ डिंडारी 19, रामपुरा 10 और नौरता में 9 विद्यार्थी शामिल हैं।
इस बार नामांकन बढ़ाने के लिए घर-घर सर्वे कर अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्र और जिन स्कूलों के नजदीक प्राइवेट स्कूल हैं या जहां जनसंख्या कम है और जिन गांवों में 15 से 20 घर हैं, पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यदि सुधार नहीं होता है तो सीआरएस हेड और स्कूल मुखियाओं के साथ बैठक कर आगे के लिए कोई निर्णय लिया जाएगा।
- नीलम कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी