बजट को लेकर व्यापारिक वर्ग की सरगर्मी तेज हो गई है। व्यापारी और उद्योगपति बैठक कर अभी से बजट के जोड़-घटाव में जुट गए हैं। कोई पुरानी मांगों को न पूरा होने की दुहाई दे रहा तो कोई व्यापार और उद्योग को और मजबूत बनाने के लिए सरकार से बजट में नए प्रावधान करने की वकालत कर रहा। हालांकि ज्यादातर उद्योगपतियों और व्यापारियों की मांग है कि सरकार उन्हें इस बार टैक्स में राहत दे और जीएसटी को जल्द लागू करने और व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नए प्रावधान करे।
जो व्यापारी सरकार को टैक्स जमा कराता है उसका 5 प्रतिशत कमीशन प्रोत्साहन के रूप में सरकार व्यापारियों को दे। व्यापारी व उद्योगपतियों को बिजली बिल में 30 प्रतिशत सब्सिडी और तीन स्लैब 5 लाख छोटे व्यापारी, 20 लाख मध्यम व्यापारी और 1 करोड़ रुपये बड़े व्यापारी के लिए सरकार अपने खर्च पर मुफ्त बीमा योजना लागू करे।
-कृष्ण लाल तनेजा, व्यापारी
हरियाणा सरकार द्वारा लगाया गया व्यवसायिक कर आम व्यापारी के हित में वापिस ले । व्यापारियों का सेल्स टेक्स व मार्केट बोर्ड में जमा पैसे सरकार एक महीने में रिफंड करने का प्रावधान करे। व्यापारियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए बेहतर योजना बनाए।
- किशोर नागपाल, व्यापारी
जब तक देश में जीएसटी टैक्स लागू नहीं हो जाता तब तक वैट कर व मार्केट फीस में समीकरण किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार व्यापारी व आम जनता को इनकम टैक्स में 5 लाख तक की छूट दे। टैक्स की अंतिम दर जो 30 प्रतिशत है उसे घटाकर 20 प्रतिशत की जाये।
- अनिल गर्ग, व्यापारी
व्यापारी व उद्योगपतियों को बैंक लोन पर ब्याज की दर में 4 प्रतिशत की छुट दी जाये। साथ ही डूबते उद्योग व व्यापार को प्रोत्साहन राशि देकर घाटे से उबरने में मदद करे। व्यापार में होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करने और व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रावधान करे।
- रवि बेरी, उद्योगपति