- क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र उचानी के सभागार में तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र उचानी के सभागार में सोमवार को मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच अनुबंध के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य के भूमिहीन बेरोजगार, अशिक्षित ग्रामीण पुरुष व महिला किसानों में मधुमक्खी पालन के प्रति रुचि पैदा करना है। ताकि वह मधुमक्खी पालन की छोटी छोटी इकाई की स्थापना कर उन्हें स्वरोजगार कर सकें जिसके लिए इस परियोजना के तहत उन्हें आर्थिक व तकनीकी मदद प्रदान की जाएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र करनाल के वरिष्ठ संयोजक डॉ. महा सिंह जागलान की देखरेख में शुरु हुए प्रशिक्षण में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ राजवीर गर्ग ने कहा कि हरियाणा में मधुमक्खी पालन में रोजगार के बेहतरीन अवसर है। एचएयू किसानों से सीधे तौर पर जुड़कर उनके उत्थान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खास तौर पर महिला कृषक मधुमक्खी पालन को अपनाकर संतुलित आहार व पोषण तत्व सहित अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
कीट विज्ञान विभाग की अध्यक्ष व परियोजना अधिकारी डॉ. सुनीता यादव ने कहा कि प्रशिक्षकों को मधुमक्खी पालन इकाई की स्थापना के लिए नि:शुल्क मधुमक्खी बक्से एवं आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रशिक्षुओं को उनके उत्पादों की मार्केटिंग करने के बारे में भी मदद की जाएगी।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुराग आनंद ने कहा कि हरियाणा शहद उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रदेश के भूमिहीन, बेरोजगार, अशिक्षित व कम जोत वाले किसान मधुमक्खी पालन को रोजगार के रूप में अपना कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। मधुमक्खी पालन अपनाने से किसानों व खास तौर पर महिलाओं के लिए आजीविका के साधन बढ़ेंगे एवं साथ ही स्वास्थ्य को भी लाभ मिलेगा।
मौके पर आईओसीएल के उप महाप्रबंधक नीरज कुमार सिंह, प्रबंधक अनुराग जायसवाल, संचालन प्रबंधक सुरेश कुमार, एचएयू के कीट वैज्ञानिक डॉ. हरीश कुमार भी मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किया। डॉ मनोज कुमार जाट ने सभी का आभार व्यक्त किया।