संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। 10 करोड़ का गेहूं खराब होने के बाद अब उसे अपग्रेड करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए सात सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी देखरेख में अपग्रेड करने का कार्य किया जाएगा। वहीं मामले में लापरवाही बरतने वाले दो खाद्य निरीक्षकों के निलंबन को लेकर सोमवार को दिनभर चरचा होती रही, लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
बता दें कि इंद्री में हैफेड एजेंसी द्वारा वर्ष 2020-21 और 2021-22 में करीब 11 लाख गेहूं के बैग खुले में भंडारित किए गए थे, जिनमें से करीब 80 हजार बैग खराब हो चुके हैं, जिसके लिए एफआई रीना और ईश्वर सिंह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। यह मामला सुर्खियां बनने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। हैफेड मुख्यालय ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है, जिसने जांच भी शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक मामले में कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। इधर, एक एमआई ने खुद ही यह स्वीकार किया कि उसके सहित दो अधिकारियों को विभाग ने निलंबित किया है, लेकिन निलंबन के आदेश उसे नहीं मिले हैं। इधर, हैफेड के डीएम अमित कुमार ने सोमवार की देर रात बताया कि इस मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी के निलंबन संबंधी आदेश नहीं मिले हैं, लेकिन भारतीय खाद्य निगम से खराब गेहूं को अपग्रेड करने की अनुमति मिल गई है। इसके तहत गेहूं के खराब दानों को अलग कर दिया जाएगा। इसका कार्य शुरू करा दिया गया है।
किन अधिकारियों की देखरेख में होगा गेहूं अपग्रेड
विभाग द्वारा सात सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है, जिनकी देखरेख में खराब गेहूं को अपग्रेड किया जाएगा। कमेटी में मैनेजर मुनीष, मैनेजर विनोद, क्वालिटी कंट्रोल अनिल, एफआई धर्मबीर, एफआई शबनम के साथ स्टोर कीपर रीना व सेंटर इंचार्ज दर्शन सिंह को शामिल किया गया है। इसके तहत खराब गेहूं से साफ गेहूं को अलग कर उसे अलग कट्टों में भरा जाएगा।