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Karnal News: प्रभावी कक्षा प्रबंधन से बनेगा अनुशासित माहौल

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- सीबीएसई की ओर से क्षमता निर्माण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
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- विशेषज्ञों ने शिक्षकों को दिए कक्षा प्रबंधन के टिप्स, नए सत्र से होंगे लागू

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षकों को अब कक्षाओं में पाठ्यक्रम ही पूरा नहीं कराना होगा। बल्कि प्रभावी ढंग से कक्षा प्रबंधन भी करना होगा। क्योंकि इससे न केवल कक्षा में अनुशासन बनेगा, छात्रों के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण भी तैयार होगा। यह कहना है सीबीएसई के विशेषज्ञों का।

सीबीएसई की ओर से निजी स्कूल में क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने शिरकत की। प्रमुख तौर पर ज्योति भगत और इशु शर्मा ने अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया। ज्योति भगत ने कक्षा प्रबंधन के बारे में बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में एक शिक्षक की ही सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। सुव्यवस्थित कक्षा में छात्र सीखने के लिए प्रति अधिक रुचि दिखाते हैं और उनका शैक्षिक विकास प्रभावित रूप से होता है।
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उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा में अनुशासन बनाए रखना शिक्षण की प्रक्रिया को सरल और रुचिकर बनाना छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना पाठ्यक्रम को निर्धारित समय में पूरा करना छात्रों को नैतिकता और सामाजिक मूल्यों से परिचित कराना था। उन्होंने प्रभावी कक्षा प्रबंधन की कुछ रणनीति भी बताई जैसे शिक्षक को कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए कुछ स्पष्ट नियम बनाने चाहिए और सभी छात्रों को उनसे अवगत कराना चाहिए। कक्षा में सहयोगात्मक माहौल बनाए रखना चाहिए। विदित हो कि पहली अप्रैल से स्कूलों का नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों को जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसके तहत नई व्यवस्था अगले सत्र से लागू होगी। जिले में सीबीएसई से संबंधित 142 विद्यालय हैं, जहां पर पहली से 12वीं तक करीब 80 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ब्यूरो
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व्याख्यान छोड़ पढ़ाई को बनाना होगा रोचक
प्रशिक्षक इशु शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को व्याख्यान तक सीमित न रहकर छात्रों को गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से पढ़ना चाहिए। छात्रों को प्रेरित करने के लिए सराहना और पुरस्कार प्रणाली का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा स्मार्ट बोर्ड ऑनलाइन संसाधन और डिजिटल टूल्स का प्रयोग करके पढ़ाई को रोचक बनाना चाहिए।
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