सेवानिवृत्ति के बाद का समय आत्मचिंतन और आत्मविश्लेषण का होता है। विचार करें कि नौकरी के दौरान उम्मीदें और लक्ष्य पूरे हुए हैं या नहीं। यदि हम जनसेवा में अपना सौ प्रतिशत नहीं दे पाए हैं तो अब भी निष्ठापूर्वक काम जारी रखें। ये बातें मुख्य अतिथि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डॉ. के पी सिंह ने मधुबन में आयोजित प्रथम हरियाणा सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी/कर्मचारी महासम्मेलन में कही।
मुख्य अतिथि ने प्रदेश भर से आए सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा कि 30-32 साल सक्रिय सेवा के बाद आपके पास अनुभव की अमूल्य धरोहर है। अपने इन अनुभव को आने वाली पीढ़ी में बांटें। आपके कार्य में अनुशासन है। उन्होंने श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद व यक्ष-युधिष्ठिर प्रसंगों के माध्यम से कहा कि जिद, जुर्म, जायदाद, वासना, व्याधि, व्यसन, व्याभिचार व व्याकुलता से दूर रहकर जीवन सुखी हो सकता है। जीवन में सत्यता अपनाकर प्रारब्ध को सुधारने का कार्य किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के हित के लिए बेहतर निर्णय ले रही है। साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है। शीघ्र ही बाकी मांगों पर विचार करके निर्णय लिया जाएगा। प्रत्येक जिला के कल्याण कार्यालय में सेवानिवृत्त डेस्क भी होगा। सरकारी सामुदायिक भवनों का उपयोग सेवानिवृत्त कर्मी भी सेवारत कर्मियों की तरह रियायती दर पर कर सकेंगे। पुलिस लाइंस में हर माह सेवानिवृत्त कर्मियों की बैठक होगी। जिला पुलिस अधीक्षक इनकी व्यवस्था करेंगे। कल्याण सभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। मुख्य अतिथि सहित सभी अधिकारियों व सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मधुबन परिसर में पौधारोपण भी किया।
केके सिंधु निदेशक अकादमी, महानिरीक्षक डॉ. सुमन मंजरी व सुभाष यादव ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। आजाद पालवां प्रदेशाध्यक्ष, देवा सिंह, सुरेश शर्मा, ओम प्रकाश, शमशेर सिंह ने भी विचार रखे व मांगपत्र सौंपा। अंत में जगरूप सिंह सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक ने आभार जताया। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक शिबास कविराज, पुलिस अधीक्षक पंकज नैन, अभिषेक जोरवाल, आदेशक विनोद कौशिक, ओमवीर सिंह व नृपजीत सिंह आदि मौजूद रहे।