माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन के बाद अब नगर निगम में भी ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जा रही है। इसकी शुरुआत ट्रायल के आधार पर कर दी गई है। ई-ऑफिस लागू होने के बाद नगर निगम में अब कोई भी फाइल मैन्युअल के रूप से एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर नहीं जाएगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। नई व्यवस्था के तहत निगम की डायरी और डिस्पैच शाखा से ही फाइलों की स्कैनिंग की जाएगी।
इसके बाद संबंधित शाखा, अधिकारी और उच्चाधिकारियों तक फाइल की डिजिटल मूवमेंट होगी। खास बात यह है कि फाइल कहां है, किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है और किस स्तर पर अटकी है, इसकी पूरी जानकारी सिस्टम में रियल टाइम उपलब्ध रहेगी। निगम प्रशासन के अनुसार ई-ऑफिस प्रणाली से यह भी स्पष्ट रहेगा कि किसी फाइल को किस वजह से होल्ड किया गया, उसे फेल या रिजेक्ट क्यों किया गया और पास करते समय क्या कारण दर्ज किया गया।
ई-ऑफिस को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर से जोड़ा जा चुका है। निगम की सभी शाखाओं की मैपिंग भी पूरी कर ली गई है, ताकि यह तय हो सके कि कौन-सी फाइल किस शाखा और किस अधिकारी के पास जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में हारट्रोन की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के को तकनीकी प्रशिक्षण का सहयोग दिया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि नगर निगम में ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत से डिजिटल प्रशासन की दिशा में बड़ा सुधार होगा। इससे न केवल कार्यप्रणाली आधुनिक होगी, बल्कि देरी और अनावश्यक दौड़-भाग पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। इसे सख्ती से लागू कराया जाएगा। जिससे हर काम और शिकायत के निवारण में पारदर्शिता रहेगा। निगम ने इस मुहिम पर काम शुरू कर दिया है। जल्द इसे पूरी तरीके से निगम की हर ब्रांच में लागू कर दिया जाएगा।