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डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, डॉक्टरों की लापरवाही से दो परिवार हताश

Wed, 11 Jun 2014 11:45 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
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बुधवार को मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग में डिलीवरी के लिए आई गांव नडाना की गुरप्रीतकौर (26) की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत हुई है।
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परिजनों ने बताया कि कालेज का स्टाफ उपचार करने वाले डॉक्टर तक का नाम भी नहीं बता रहा है। अपना पल्ला झाड़ने के लिए उन लोगों ने महिला को निजी अस्पताल में उपचार दिलाने का ड्रॅामा किया।

मेडिकल कॉलेज में क्रिटीकल पोजिशन में मरीजों को बचाने के इंतजाम नहीं हैं तो फिर ऐसे हालत में मरीजों को दाखिल नहीं किया जाना चाहिए। दुखी महिला के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में विलाप किया और डॉक्टरों के खिलाफ बवाल काटा।
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महिला के पति थाना तरावड़ी के गांव नडाना निवासी जिंद्र सिंह ने बताया कि वह खेती का काम करता है। बुधवार को सुबह लगभग सात बजे वह पत्नी गुरप्रीतकौर को दूसरे बच्चे की डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग में लाया था।

दो-तीन दिन पहले चेकअप भी कराया था। डॉक्टरों ने कहा गुरप्रीत की डिलिवरी ऑपरेशन से होगी। उसमें खून की कमी है। एक यूनिट खनू देना होगा।

जिंद्र के मुताबिक उसने अपना खून दिया। दोपहर बाद करीब दो बजे ऑपरेशन शुरू हुआ। ऑपरेशन ठीक हुआ। डिलीवरी के दौरान गुरप्रीत ने लड़के को जन्म दिया।

डिलीवरी से पहले गुरप्रीत को बेहोशी के इंजेक्शन दिए गए थे। नीचे का हिस्सा सुन होने के बजाय पूरा शरीर सुन हो गया था। बेहोशी के दौरान ही डिलीवरी की गई।

डिलीवरी के दो घंटे बाद तक गुरप्रीत हो नहीं आया। इस दौरान परिवार के लोगों को मिलने तक नहीं दिया गया। बाद में मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के कर्मी स्वयं गुरप्रीत को निजी विर्क अस्पताल ले गए।

वहां के डॉक्टरों ने गुरप्रीत को मृत घोषित कर दिया। बाद में अस्पताल लाने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने कहा कि गुरप्रीत की मौत हो गई।

डॉक्टरों ने उन लोगों को गुरप्रीत का शव तक नहीं दिया। लोगाें ने कहा कि अब पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को दिया जाएगा। मामले की सूचना थाना तरावड़ी को भेज दी गई है।

मामले की जांच की जाएगी

नसीब सिंह, प्रभारी थाना तरावड़ी, करनाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की ओर से सूचना मिली है। मामले की जांच की जानी है। महिला के परिजनों के बयान दर्ज किए जाने हैं। जो शिकायत होगी। उसके मुताबिक कार्रवाई कराई जाएगी। महिला का पोस्टमार्टम कल हो सकेगा।

महिला की डिलीवरी में लापरवाही

कल्पना चावला मेडिकल कालेज के प्रसूति विभाग में डिलीवरी कराने आई महिला की बच्चादानी निकाली जाने पर परिवार के लोगों ने चिकित्सकों के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।

महिला के पति का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग के डॉक्टरों की लापरवाही से पत्नी की बच्चादानी निकालनी पड़ी है।

मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग के डॉक्टरों के खिलाफ मरीज के उपचार में लापरवाही बरतने को लेकर पुलिस को शिकायत दी गई है।

थाना सिविल लाइन पुलिस प्रभारी ललित सिंह के अनुसार मेडिकल कॉलेज के निदेशक से मामले में तकनीकी आधार पर रिपोर्ट मांगी गई है।

रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार गांव कतलाहेड़ी निवासी मोनू कुमार का कहना है कि उसकी पत्नी रोशनी (22) को कल मंगलवार को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग में दाखिल कराया गया था।

मंगलवार को करीब 12 बजे वह लोग रोशनी को लेकर डिलीवरी के लिए प्रसूति विभाग में पहुंच गए थे। शाम को करीब सात बजे रोशनी ने बेटी को जन्म दिया।

बेटी को महिला के परिजनों को सौंप दिया गया। मोनू की मां अनारदेवी और दादी ने महिला से मिलने के लिए कहा तो डॉक्टरों ने मिलने से रोक दिया।

कुछ देर बाद उन्हें बताया गया कि महिला को रक्तस्राव हो रहा है जो रुक नहीं पा रहा है। महिला की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया।

परिवार के लोग रात में करीब नौ बजे रोशनी को सरकारी एंबुलेंस से शहर के अमृतधारा अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने महिला को उपचार दिया तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि महिला को बचाना है तो उसकी बच्चादानी निकालनी पडे़गी। मजबूरी में उन लोगों को बच्चादानी निकालनी पड़ी।

डॉक्टरों ने समय पर नहीं दी जानकारी

पत्नी रोशनी की मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। तबीयत बिगड़ने के करीब दो घंटे बाद डॉक्टरों ने ब्लीडिंग नहीं रुकने और हालत खराब होने की जानकारी दी।

मोनू कुमार, गांव कतलाहेड़ी, करनाल ने बताया कि डॉक्टर समय पर जानकारी देते तो संभवत: निजी अस्पताल के डॉक्टर पत्नी की बच्चादानी को बचा सकते थे। पत्नी की यह पहली डिलीवरी थी। अब उसके लिए बड़ी दिक्कत हो गई है। मामले की शिकायत पुलिस को दी है।

ललित सिंह, प्रभारी, थाना सिविल लाइन, करनाल ने बताया कि एएसआई महावीर सिंह मामले की जांच कर रहा है। शिकायत मिली है। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप है। पूरा मामला जानने के लिए मेडिकल कॉलेज के निदेशक को लिखा गया है। उन्होंने दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट आने के बाद पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जाएगी।

मृत बच्ची के साथ महिला को एंबुलेंस में बिठाकर घुमाता रहा चालक

बुधवार को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में के अस्पताल में गांव बरसत निवासी महिला कमलेश की पांच दिन की बच्ची की मौत हो गई।

बच्ची की मौत के बाद महिला को घर पहुंचना मुश्किल हो गया। सरकारी एंबुलेंस का चालक पीड़ित महिला को एंबुलेंस में बिठाकर दूसरे केस मिलने का इंतजार करता रहा।

वह कभी एंबुलेंस को गेट पर लगाता तो कभी अस्पताल में लाकर खड़ी कर देता। सूचना मिलने पर मीडिया के छायाकार पहुंचे तो एंबुलेंस चालक के चेहरे के रंग उड़ गए।

वह महिला को लेकर तुंरत अस्पताल से रवाना हो गया। गांव बरसत निवासी महिला कमलेश पांच दिन की बीमार बच्ची को लेकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आई थी।

वहां उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद महिला बहुत परेशान थी। वह कुछ भी बताने की हालत में नहीं थी। मेडिकल कॉलेज में बच्चों का उपचार कराने आए एक अन्य वेदपाल ने कहा कि उसके साथ कोई भी नहीं था।

उसकी मृत बच्ची को वह गोद में लेकर बाहर आया था। बुलाने पर भी एंबुलेंस चालक जल्दी से नहीं आया। किसी तरह पहुंचा तो अन्य मरीजोें के इंतजार में एंबुलेंस वहीं खड़ी कर दी। मीडिया के लोगों के आने के बाद ही एंबुलेंस चालक महिला को लेकर बरसत के लिए रवाना हुआ।
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