माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में तेजी से पनप रही अवैध कॉलोनियों पर डीटीपी जिला योजनाकार विभाग और सख्ती करेगा। डीटीपी ने अवैध कॉलोनाइजरों को चेतावनी जारी की है कि कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनियों में प्लाॅट खरीदने वालों के पैसे लौटाएं। ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कानूनी कार्रवाई होगी।
कई कॉलोनाइजर लोगों को यह झांसा देकर प्लाॅट बेच रहे हैं कि उनकी पक्की रजिस्ट्री करवा दी जाएगी, जबकि हकीकत यह है कि इन कॉलोनियों को विभागीय स्वीकृति तक प्राप्त नहीं है। ऐसे में खरीदारों के साथ सीधा धोखा हो रहा है। डीटीपी अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना अनुमोदन किसी भी कॉलोनी में प्लाॅट बेचना गैरकानूनी है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग अधिकारियों का जनहित में कहना है कि लोगों को जागरूक होना चाहिए और किसी भी कॉलोनी में निवेश से पहले यह जांच जरूर करनी चाहिए कि वह कॉलोनी विभाग से स्वीकृत है या नहीं।
शहर के आसपास 22 अवैध कॉलोनी
डीटीपी विभाग के अनुसार जिले में अब तक 58 जगहों पर अवैध कॉलोनियां काटी गई हैं। इनमें से करीब 22 कॉलोनियां शहर के आसपास हैं। ज्यादातर कॉलोनियों में सड़कें, नालियां और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं का लालच देकर लोगों को प्लाॅट बेचे गए हैं। हालांकि मौके पर ये सुविधाएं नहीं मिलतीं।
अवैध कॉलोनियों का सर्वे शुरू
डीटीपी विभाग ने जिले में अवैध कॉलोनियों की पहचान के लिए व्यापक सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे में यह भी देखा जा रहा है कि किन जगहों पर नए अवैध निर्माण खड़े किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जहां भी अवैध निर्माण मिलेंगे, वहां कार्रवाई कर इन्हें गिराया जाएगा। इससे पहले भी शहर और उसके आसपास कई जगहों पर अवैध कॉलोनियों के मकानों व दुकानों को जमींदोज किया जा चुका है।
जिले के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी कॉलोनाइजर के बहकावे में न आएं। अगर किसी ने अवैध कॉलोनी में प्लॉट बेचने के नाम पर पैसे लिए हैं तो तुरंत इसकी शिकायत करें। जिस पर तुंरत प्रभाव से संबंधित थानों में कॉलोनाइजर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। -गुंजन वर्मा, डीटीपी।