पानीपत जेल में तैनात डीएसपी की जिम करते समय मौत
- करनाल में अपने घर के समीप बने जिम में कर रहे थे कसरत, अचानक सीने में उठा था दर्द
- पुलिस की प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकने से गई जान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कारण
- मूलरूप से झज्जर जिले के दुलहेड़ा गांव के थे निवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/ पानीपत। जिम करने के दौरान पानीपत जेल में तैनात डीएसपी की करनाल में मौत हो गई। डीएसपी जोगिंद्र देशवाल अपने परिवार के साथ करनाल की न्यायपुरी कॉलोनी में रहते थे। वे सोमवार की सुबह कॉलोनी के ही जिम में कसरत करने गए थे। तभी अचानक सीने में दर्द उठा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जोगिंद्र देशवाल मूलरूप से झज्जर जिले के दुलहेड़ा गांव के रहने वाले थे। वह पिछले 40 साल से करनाल के न्यायपुरी में अपने परिवार सहित रहते थे। जोगिंद्र के पिता रणजीत सिंह देशवाल आईपीएस थे। बताया जाता है कि पानीपत के सिवाह गांव स्थित जेल में तैनात डीएसपी जोगिंद्र देशवाल (52) रविवार रात अपने घर करनाल आए थे। सोमवार सुबह वह घर के पास स्थित एक जिम में कसरत करने चले गए। कसरत करते समय अचानक हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
पानीपत के जिला कारागार में डीएसपी जोगिंद्र सिंह को जेल के वार्ड में बंदियों की निगरानी में लगाया गया था। इसके अलावा डीएसपी को जेल में बने तेल, काेल्हू, फैक्टरी समेत अन्य कारखानों की देखरेख की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। बताया जाता है कि डीएसपी सुबह रोजाना कसरत करने के लिए जिम जाते थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में हृदय गति रुकने से मौत होने की वजह सामने आ रही है। पुलिस ने जिम में मौजूद लोगों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए सके।
- शनिवार को डीएसपी जोगिंद्र ड्यूटी पर आए थे मगर रविवार को छुट्टी पर थे। वर्ष 2019 में उनकी पानीपत जेल में तैनाती हुई थी। इससे पहले वह करनाल जेल में तैनात थे।
- देवी दयाल तनवान, जेल अधीक्षक पानीपत-
वकालत करने के बाद परीक्षा पास कर बने थे सहायक जेल अधीक्षक
सिवाह गांव स्थित जिला जेल के उप जेल अधीक्षक जोगिंद्र देशवाल (52) ने लंबे समय से वकालत की थी। इसके बाद 2009 में परीक्षा देकर सहायक जेल अधीक्षक बने और फिर 2019 में पदोन्नति पाकर डिप्टी जेलर बने थे। तब से पानीपत जिला जेल में लगातार सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन से जिला जेल और उनकी ससुराल पानीपत के उग्रा खेड़ी गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
फरवरी में की थी छोटी बेटी की शादी, बड़ा बेटा है वकील
जोगिंद्र देशवाल अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा जतिन देशवाल वकील है, जबकि छोटी बेटी तान्या देशवाल है। जिसकी इसी साल फरवरी में धूमधाम से शादी हुई थी। अब बेटे की शादी करने की तैयारी चल रही थी। उनकी पत्नी नीलम देशवाल करनाल के एक सरकारी स्कूल में प्राध्यापिका हैं।
आईपीएस पिता की भी हुई थी हार्ट फेल से मौत
जोगिंद्र देशवाल के पिता रणजीत सिंह देशवाल आईपीएस थे। उनके पिता के हार्ट में 2010 से परेशानी होने लगी, जिनकी बाइपास सर्जरी कराई। उनके पिता की 2012 में हार्ट फेल होने से मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधे पर थी।
सेहत के लिए हमेशा रहते थे जागरूक
जोगिंद्र पहले अपनी बेटी तान्या के साथ रोजाना करनाल के न्यायपुरी में सैर करते थे। बेटी की शादी के बाद उन्होंने जिम शुरू कर दिया था। वह रोजाना जिम जाते थे। परिजनों के मुताबिक, वह सेहत के लिए हमेशा जागरूक रहते थे। जेल में भी समय मिलते ही आठ से 10 किलोमीटर की सैर करते थे। योग भी करते थे, जिसकी बदौलत वह बीपी, शुगर जैसी बीमारियों से दूर थे।
पूर्व जिलाध्यक्ष के थे दामाद
जोगिंद्र देशवाल पानीपत के उग्रा खेड़ी गांव के रहने वाले कांग्रेस पार्टी के पानीपत ग्रामीण के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह मलिक के दामाद थे। उनके निधन की सूचना से उनके ससुराल में भी शोक की लहर दौड़ गई। परिवार सूचना मिलते ही करनाल पहुंचा।
800 मीटर दौड़ लगाते समय दक्ष की हुई थी मौत
सेक्टर-18 निवासी धर्मवीर मलिक के 16 वर्षीय बेटे दक्ष की सेंट मेरी स्कूल में प्रतियोगिता के दौरान 800 मीटर दौड़ लगाते समय हार्ट फेल होने से मौत हो गई थी। दक्ष ने 400 मीटर की ही दौड़ पार की थी, इसी बीच वह गिर गया था, जिसको पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां पर कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई थी।