फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: जेल में नशीले पदार्थों की आपूर्ति का भंडाफोड़, चालक काबू

विज्ञापन
जेल में नशीले पदार्थों की आपूर्ति का भंडाफोड़, चालक काबू
विज्ञापन
- वाहन में छिपाकर जेल में भेजी जा रही थी नशीली गोलियां और सुल्फा, क्यूआरटी टीम ने पकड़ा
विज्ञापन

- जेल में बची रोटियों को एकत्रित करने अंबाला से आया था वाहन, केस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। करनाल जेल में नशे की आपूर्ति का भंडाफोड़ हुआ है। नशा तस्करों के इरादे इतने बुलंद हैं कि वे बेखौफ नशे को जेल के भीतर तक पहुंचा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यह सिलसिला कई महीनों से चल रहा था, मगर अब गुप्त सूचना के आधार पर जेल प्रशासन ने इसका पर्दाफाश किया है। रामनगर थाना पुलिस ने इस संदर्भ में नशे को जेल में ले जा रहे एक वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
यह नशा जेल में जिस बंदी को दिया जाना था, वह इसे जेल में आगे देता था। पुलिस और जेल प्रशासन अब इस दिशा में भी जांच कर रही है कि आखिरकार जेल के भीतर कौन व्यक्ति और किस तरह नशीले पदार्थाें की आपूर्ति के इस नेटवर्क को चला रहा है। उधर, जेल प्रशासन का दावा है कि काफी समय से यह खेल चल रहा था, जिस पर कड़ी नजर रखी जा रही थी, मगर अब यह मामला पकड़ में आया है।
विज्ञापन


यूं पकड़ा गया नशीला पदार्थ

जेल प्रशासन काे काफी समय से सूचना थी कि जेल में नशीले पदार्थों की सप्लाई हो रही है, मगर यह पदार्थ जेल के भीतर कैसे पहुंच रहे हैं, इस कड़ी को पकड़ना चुनौती बना हुआ था। 16 अगस्त को अंबाला के मॉडल टाउन का रहने वाला वाहन चालक अर्जुन अपनी छोटी टाटा माल वाहक गाड़ी को लेकर करनाल जेल के बाहर पहुंचा। इस गाड़ी में जेल के भीतर बचा हुआ खाना लोड होकर बाहर जाना था।
आरोप है कि इसी गाड़ी में नशीले पदार्थ के तीन पैकेट छिपाकर रखे हुए थे, जिन्हें जेल के भीतर एक बंदी को दिया जाना था। गड़बड़ी का शक होने पर जेल प्रशासन की क्यूआरटी टीम में तैनात वार्डर बलजीत, राजीव, मक्खन आदि ने संबंधित वाहन को खंगालना शुरू किया तो इसके भीतर पैकेट में बंद सुल्फा व नशीली गोलियां बरामद हुईं। आरोपी चालक को वहीं पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नशा निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। वीरवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
विज्ञापन


आठ महीने से आरोपी जेल में आता-जाता था

जेल अधीक्षक अमित कुमार भादू का कहना है कि आरोपी आठ माह से जेल में बचे हुए भोजन को एकत्रित करने के लिए आता-जाता था। हमारे पास इस संदर्भ में कुछ इनपुट था, इसलिए हमारी क्यूआरटी की टीम ने अब इस कड़ी को पकड़ा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। सूत्र बताते हैं कि इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने जेल की बैरकों को भी खंगाला है और कुछ बंदियों व कैदियों से भी पूछताछ की जा रही है। एक ओर जहां जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, वहीं जेल में नशीले पदार्थों की सप्लाई में और कौन-कौन शामिल हैं, इसकी तफ्तीश में पुलिस जुट गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें