करनाल जिले के गांव कतलाहेड़ी के बाद गांव बल्ला ने भी नशे के खिलाफ ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। गांव के सरपंच, सभी पंचों समेत सभी नंबरदारों व अन्य मौजिज लोगों ने संकल्प लिया है कि कि नशा बेचते पकड़े गए किसी भी व्यक्ति की जमानत नहीं लेंगे। इसके साथ ही गांव में नशा रोकने को निगरानी कमेटी का गठन किया जाएगा, ताकि अवैध खुर्दों पर शराब की बिक्री भी रोकी जाए।
रविवार को पंचायत मेंबर एवं नंबरदारों की मीटिंग सरपंच दिलावर मान की अध्यक्षता में हुई। इसमें सरपंच ने बताया कि सैंकड़ों नौजवान युवक स्मैक, सुलफा एवं शराब की लत लगने से पढ़ाई छोड़कर नशा कर गलियों में घूमते नजर आ रहे हैं और स्मैक पीने वाले सभी 15 से 30 वर्ष की आयु के लड़के पुरानी चौपाल एवं खंडहर पड़े मकानों में खुले आम नशा करते नजर आ रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से कई बार स्मैक बचने वालों को पकड़कर जेल भेजने के बाद भी फिर जमानत पर रिहा हो जाते हैं।
सरपंच ने सभी ग्राम पंच एवं नंबरदारों को स्मैक बचने के आरोप में पकड़े गए युवकों की जमानत न करने की अपील की और अपने आसपास स्मैक बेचने वालों की शिकायत तुरंत पंचायत एवं चौंकी इंचार्ज को करने की अपली की।
सरपंच ने बताया कि स्मैक पर शिकंजा कसने के बाद सुल्फा एवं शराब के खुर्दों को भी प्रशासन का सहयोग लेकर बंद किया जाएगा। इस अवसर पर प्रवीन, राममेहर, राजबीर, कुलदीप, कर्मबीर, सोनू, कश्मीरी, नरेंद्र, जितेंद्र, सुनीता, सुनीता मान, कविता, विधा, हरिओम, बंशीलाल, सेवा, टेकचंद, भूपेंद्र, बलीन्द्र, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि इसी माह गांव कतलाहेड़ी में भी ग्रामीणों ने नशे पर रोक लगाने की पहल की है और गांव को खुर्दों से मुक्त कराया है।
कसी जाएगी नशे पर नकेल : चौकी इंचार्ज
बैठक में एएसआई शमशेर सिंह ने बताया कि गांव के सहयोग से स्मैक बेचने वालों को जल्द काबू पाया जा सकता है और गांव से स्मैक बेचने वालों को कारोबार बंद किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्मैक का कारोबार करने वालों की शिकायत तुरंत पुलिस चौंकी को करें। नरेंद्र आर्य ने बताया कि बल्ला गांव जिले का सबसे बड़ा गांव है। अनुमान है कि प्रतिमाह 15 लाख रुपये की स्मैक, 20 लाख रुपये का सुलफा, 40 लाख रुपये की शराब लगभग 25 लाख रुपये की बीड़ी एवं सिगरेट का नशा गांव में किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल स्टोरों से नशे की दवाइयों का सेवन भी कर रहे हैं।