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Karnal News: सख्ती से आधी हुई घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत.. एजेंसियों में अभी स्टॉक फुल

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गैस सिलेंडर लेने के लिए भटक रहे उपभोक्ता। संवाद
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गगन तलवार
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करनाल। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण गैस की किल्लत न हो, इसके लिए केंद्र स्तर पर की गई सख्ती से जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत आधी हो गई है। जहां पहले किसी एजेंसी से पहले रोजाना 650 सिलिंडर की आपूर्ति होती थी, वहां से अब 350 सिलिंडर तक ही आपूर्ति हो रही है। अब तक एजेंसियों में इन सिलिंडरों का स्टॉक पर्याप्त है। ऐसे में लोगों को इस बात के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है कि उन्हें जरूरत पर सिलिंडर नहीं मिलेगा। यदि उनका सिलिंडर ऑनलाइन बुक हो रहा है तो उन्हें आपूर्ति भी जरूर मिलेगी।
सरकार की ओर से सिलिंडर की पिछली डिलिवरी के 25 दिन बाद नई बुकिंग की व्यवस्था कर दी गई है, इससे पहले नई बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। इस नई शर्त से हुई सख्ती से डिलिवरी आधी हो गई हैं। करनाल शहर की ही बात करें तो यहां इंडेन की चार एजेंसियों की सामान्य दिनों में रोजाना 2500 से 2800 घरेलू गैस सिलिंडरों की खपत थी, जोकि पिछले तीन दिनों में 1500 से 1800 तक ही होने लगी है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि बिना डीएसी यानी डिलिवरी एथेंटिक कोड के किसी भी उपभोक्ता को सिलिंडर नहीं दिया जा रहा है। यह कोड उसी उपभोक्ता को बुकिंग पर मिल रहा है, जिसकी बुकिंग 25 दिन के बाद हो रही है। एजेंसी में आने पर उपभोक्ता को कोड बताने के बाद ही डिलिवरी पर्ची जारी की जा रही है, इसके बाद ही गोदाम से या आपूर्ति वाहन से सिलिंडर मिल रहा है।
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...तो दो गुने से ज्यादा होती बुकिंग
एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग का कहना है कि अब बुकिंग ज्यादा नहीं आ पा रही हैं। 25 दिन की शर्त से बुकिंग रुकी हैं। इससे जरूरतमंद को सिलिंडर जरूर और निर्धारित समय पर ही मिलेगा। यदि सरकार यह शर्त न लगाती तो वर्तमान समय में बुकिंग दोगुने से ज्यादा हो जाती। लोग घरों में सिलिंडर इकठ्ठे कर लेते और किल्लत बढ़ जाती।

पात्र का सिलिंडर नहीं रोक रहे

नीलोखेड़ी की गैस एजेंसी के संचालक कर्ण ने बताया कि उनके यहां रोजाना 550 सिलिंडरों की जरूरत है और पीछे से रोजाना पूरे सिलिंडर आ भी रहे हैं। अब 25 दिन का लॉक लगा दिया है तो उसी हिसाब से ही नई बुकिंग होती है। ऐसे में जिसका सिलिंडर बुक हो रहा है, उसे मना नहीं किया जा रहा।
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कोड केंद्र स्तर ही हो रहा जारी
इंद्री की जीत गैस एजेंसी के संचालक जसपाल बैरागी ने बताया कि गत सप्ताह उनकी एजेंसी से प्रतिदिन 650 के करीब सिलिंडर की आपूर्ति होती थी, अब कोड न आने के कारण आपूर्ति 350 तक हुई है। यह कोड केंद्र स्तर पर जारी होता है, इसमें एजेंसी की भूमिका नहीं है, जिसका पोर्टल से कोड जारी होगा, उसे हम आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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