माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रोजाना घर से स्कूल और स्कूल से घर तक का सफर तय करने वाले दिव्यांग विद्यार्थी अब मनाली की वादियों की सैर करेंगे। समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग उन्हें यह मौका देने जा रहा है। दिव्यांग बच्चों के लिए मनाली में पांच दिवसीय एडवेंचर कैंप लगेगा। अलग-अलग छह बैच में इसमें प्रदेश के कुल 2294 दिव्यांग विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। प्रत्येक जिले से कक्षा पहली से 12वीं तक के 45 विद्यार्थियों को शिविर में शामिल होंगे।
अन्य विद्यार्थियों की तरह दिव्यांग विद्यार्थियों को भी घूमने का मौका देने के साथ-साथ उनका मानसिक और बौद्धिक विकास करना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है। 28 जून से शुरू होने वाले छठे बैच में करनाल के अलावा सोनीपत और फरीदाबाद के विद्यार्थी भी शिविर में शामिल होंगे। 02 जुलाई तक चलने वाले शिविर के लिए 27 जून को इन जिलों से विद्यार्थियों का जत्था पंचकूला के लिए रवाना होगा। यहां से ये विद्यार्थी एक साथ मिलकर मनाली के लिए रवाना होंगे। विद्यार्थियों के साथ प्रत्येक जिले से पांच स्पेशल टीचर ( महिला और पुरुष व एक एपीसी) साथ जाएंगे। इस गतिविधि पर खर्च होने वाला बजट जारी कर दिया गया है। ब्यूरो
ये ले जाना जरूरी
कैंप में प्रत्येक जिले से एक प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, मशाल, टिशू पेपर और डिजिटल कैमरा, चश्मे, एक पानी का कैंपर आदि को यात्रा के दौरान शिक्षकों द्वारा ले जाना आवश्यक है। ताकि कैंप के दौरान बच्चे पहाड़ों में प्रकृति का नजदीक से आनंद ले सकें। कैंप को लेकर जिले से विद्यार्थियों का विभिन्न श्रेणी में चयन किया गया है। कैंप में होने वाली सभी गतिविधियां, रहने और खाने का खर्च विभाग वहन करेगा।
इन गतिविधियों में हिस्सा लेंगे
कैंप में विद्यार्थियों के लिए पहाड़ों पर चढ़ना, शूटिंग, तीरंदाजी व विभिन्न खेल सिखाए जाएंगे। ट्रैकिंग, रैपलिंग, रिवर क्रॉसिग, नेचर ट्रेल, रूरल गेम्स, एयर गन शूटिंग, फन तीरंदाजी, पर्वतारोहण की मूल बातें, पैरलल रोप, कमांडो ब्रिज जैसी गतिविधियां भी शामिल रहेंगी। इसके अलावा समूह चर्चा, योग, रिपोर्ट लेखन, यात्रा वृतांत लेखन, यात्रा संस्कार लेखन, कैंप फायर, लोक नृत्य, स्कूल शिक्षा, गीत, रागनी आदि मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित होगी।
27 जून को बस से होंगे रवाना : एपीसी
कैंप को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 27 जून को बस द्वारा विद्यार्थी पंचकूला के लिए रवाना होंगे। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह बेहतरीन प्रयास है। कैंप में पहले जा चुके विद्यार्थी भाग नहीं लेंगे। जो विद्यार्थी शिविर में जा रहे हैं, सभी के अभिभावकों से सहमति पत्र लिया गया है। शिविर में विद्यार्थियों का मानसिक व सर्वांगीण विकास होगा। विद्यार्थी तीन जुलाई को वापस पहुंचेंगे।
- चंद्रमोहन, एपीसी करनाल