माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। किसान वेलफेयर क्लब करनाल की ओर से उपनिदेशक (कृषि) के कार्यालय में किसान-विज्ञान संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की फसल में रोग संबंधी आशंकाओं का समाधान किया, वहीं उन्हें खेती की कई तरह की जानकारी दी।
प्रधान ईलम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में क्लब के प्रदेश महासचिव विजय कपूर ने किसानों से इस समय की खेतों में बिजाई की हुई फसलों के बारे विचार विमर्श किया। कहा कि नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने करनाल स्थित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया, इसका बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। मुख्य तकनीकी सलाहकार धर्मवीर सतीजा ने कहा कि उद्यान विश्वविद्यालय करनाल में होने के कारण किसानों को फसल विविधीकरण द्वारा फल, फूल व सब्जियों की खेती करने पर अधिक मुनाफा मिलेगा। उन्होंने पानी की भी बचत को समझाते हुए चंदन की खेती बारे भी विस्तार से जानकारी दी।
एमएफएमसी की विशेषज्ञ डा. सीमा गुप्ता और डाॅ. विक्रांत मलिक ने गेहूं के खरपतवार मंडूसी के बारे में बताया और इसके लिए अम्ब्रिवा नामक दवाई के इस्तेमाल की सलाह दी। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डाॅ. महा सिंह जागलान व डाॅ. अंकुर चौधरी ने गेहूं की देर की बिजाई की किस्मों, खरपतवार नियंत्रण व फसल की बढ़ोतरी के लिए सूक्ष्म तत्वों के उपयोग की जानकारी दी।
डाॅ. मोहर सिंह व डाॅ. चंदगी राम ने विभिन्न प्रकार की फसलों, मोटे अनाज व प्राकृतिक खेती बारे बताया। मौके पर प्रेस सचिव राज कुमार भार्गव, चरणजीत सिंह नागपाल, हवा सिंह, तेजपाल चौहान, सुरेंद्र सिंह पूंडरक, रोशनलाल, सतनाम सिंह, बलबीर सिंह व कंवरपाल राणा आदि ने सहभागिता की।