माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। निकाय चुनाव का प्रचार शुक्रवार की शाम थम जाएगा। वीरवार को भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार में पूरी ताकत झोंकी।
भाजपा के समर्थन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ-साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह व कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा उतरे तो वहीं, कांग्रेस किसी बड़े नेता को अभी चुनावी अखाड़े में प्रचार के लिए नहीं उतार सकी है।
हालांकि प्रत्याशी मनोज वधवा, स्थानीय नेताओं के साथ पूरे दमखम के साथ मैदान में जोर लगा रहे हैं। अंतिम समय में बड़ी बिरादरियों पर फोकस करते हुए चुनाव प्रचार किया जा रहा है। फिलहाल करनाल की तस्वीर लगभग साफ हो गई है, मेयर पद पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है।
भाजपा प्रत्याशी रेणू बाला गुप्ता स्वयं शहर की दूसरी बड़ी बिरादरी वैश्य बिरादरी से हैं तो पंजाबी बिरादरी को साधने के लिए विधायक जगमोहन आनंद पहले ही दिन से जुटे हैं। बुधवार को सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भी करनाल पहुंचे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी यहां ताबड़तोड़ रैलियां कर चुके हैं। कश्यप समाज सहित कई बिरादरियों का समर्थन हासिल किया था। वह शुक्रवार को इंद्री भी पहुंचे थे। ब्राह्मण बिरादरी को साधने के लिए वीरवार को हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा करनाल पहुंचे।
वह सारस्वत ब्राह्मण सभा के कार्यक्रम में भी पहुंचे। इन सभाओं में उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को भ्रमित करने की राजनीति कर रही है। हरियाणा में पहली बार मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ऐसी व्यवस्था की है कि सरकारी कार्यक्रमों में डीसी और एसपी के साथ ही सरपंचों की कुर्सी लगेगी और ग्राम सचिव की एसीआर अब सरपंच लिखेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासन में दलितों के अनेक कांड हुए, वहीं अपने ही लोगों को नौकरियां देने का काम किया था।