- 778 राजकीय स्कूलों के लिए जारी हुआ 3.48 करोड़ का बजट, जीटी बेल्ट में सीएम के जिले को सर्वाधिक राशि
- 70 प्रतिशत विकास और 10 फीसदी स्वच्छता पर होगा खर्च, छात्र संख्या के हिसाब से स्कूलों को मिलेगी राशि
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राजकीय स्कूलों की हालत सुधारी जाएगी। जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं, जरूरी संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे। इससे राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से इस वर्ष के लिए जिले के 778 राजकीय स्कूलों के लिए करीब 3.48 करोड़ का बजट जारी किया गया है।
खास बात यह है कि यह राशि जीटी बेल्ट में सीएम के जिले करनाल के लिए सर्वाधिक है। वहीं, करनाल जिले में भी अगर खंड अनुसार देखें तो अकेले करनाल खंड के 178 स्कूलों में 81.70 लाख रुपये खर्च होंगे। यह राशि छात्र संख्या के हिसाब से स्कूलों को आवंटित की जाएगी। खास बात यह है कि 2020 के मुकाबले कोरोना के बाद इस बार शिक्षण सामग्री खरीदने और मरम्मत कार्यों का बजट बढ़ा है। जबकि 2020 में कुल राशि का 25 प्रतिशत केवल सैनिटाइजेशन के लिए आरक्षित था। जबकि इस बार केवल 10 प्रतिशत बजट ही सफाई के लिए रखा गया है। शिक्षण सामग्री के कुल 20 प्रतिशत बजट में 10 प्रतिशत केवल विज्ञान या ईवीएस व गणित विषय की शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए है। जबकि अन्य 10 प्रतिशत राशि से अन्य सभी विषय की शिक्षण सामग्री खरीदी जाएगी। वहीं, अन्य सभी कार्यों के लिए आरक्षित 70 प्रतिशत राशि से उपकरणों की खरीद, स्टेशनरी, पानी, बिजली व इंटरनेट का बिल भुगतान, स्कूल भवन या शौचालयों की मरम्मत, पौधरोपण, दिवस कार्यक्रम व वार्षिक खेलों पर खर्च करनी होगी। ब्यूरो
प्रदेश में चौथे, जीटी बेल्ट में नंबर-1 करनाल
प्रदेश सरकार की ओर से जारी बजट में सबसे ज्यादा 934 स्कूलों के लिए 4.92 करोड़ रुपये की राशि नूंह को मिली है। जबकि करनाल बजट के मामले में करीब 3.48 करोड़ की राशि से प्रदेश में चौथे पायदान पर है। इससे पहले हिसार 4.14 करोड़ से दूसरे और सिरसा 3.71 करोड़ से तीसरे नंबर है। सबसे कम राशि चरखीदादरी को महज 1.33 करोड़ रुपये जारी है।
10 हजार से एक लाख तक मिलेगी ग्रांट
कुल राशि आवंटित करने के लिए छात्र संख्या के हिसाब से पांच श्रेणियां रखी गई हैं। जिसमें एक से 30 से लेकर एक हजार से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूल की श्रेणी अलग है। एपीसी डॉ. सचिन के अनुसार, 30 छात्र संख्या वाले स्कूल को जहां 10 हजार रुपये का बजट मिलेगा। वहीं एक हजार से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूल को एक लाख रुपये जारी किए जाएंगे। जबकि 251 से 1000 छात्र संख्या वाले स्कूल को 75 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं, 100 से कम और 30 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
किस खंड को कितना मिलेगा बजट
खंड
स्कूल
मौलिक बजट
सेकेंडरी बजट
कुल बजट (लाख में)
करनाल
168
56.20
25.50
81.70
घरौंडा
119
39.95
21.00
60.95
नीलोखेड़ी
144
39.90
20.25
60.15
इंद्री
147
39.60
13.75
53.35
असंध
107
29.50
19.25
48.75
निसिंग
93
24.85
17.75
42.60
कुल
778
230.00
117.50
347.50
जीटी बेल्ट में इस जिले को इतना बजट
जिला
स्कूल कुल बजट (करोड़ में)
करनाल
778
3.48
यमुनानगर
926
3.06
कैथल
603
2.86
कुरुक्षेत्र
788
2.64
अंबाला
770
2.64
पानीपत
424
2.33
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इसी माह खरीदेंगे शिक्षण सामग्री
राशि खर्च करने के लिए अलग से निर्देश जारी हुए हैं। स्कूलों को शिक्षण सामग्री की खरीद इसी माह के अंत तक करनी होगी। प्रत्येक खर्च का रजिस्टर में रिकाॅर्ड रखना जरूरी होगा। शिक्षण सामग्री की खरीद के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी बनानी होगी। मरम्मत कार्य के पहले व बाद के फोटो भी रिकाॅर्ड में रखने होंगे।
- डॉ. सचिन, एपीसी, समग्र शिक्षा
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निर्धारित प्रतिशत अनुसार ही करेंगे खर्च
बजट की राशि स्कूल प्रबंधन कमेटी के बैंक खाते में जारी होगी। इस राशि को दिसंबर 2023 तक खर्च कर सकते हैं। स्कूलों की मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए 70 प्रतिशत बजट आरक्षित है। कुल 3.47 करोड़ का बजट जिले के लिए जारी हुआ है। निर्देशों के आधार पर ही स्कूल राशि खर्च कर सकते हैं।
- वंदना परुथी, डीपीसी, समग्र शिक्षा