तेज बारिश और 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आए तूफान ने शनिवार को
जनजीवन प्रभावित करके रख दिया। आंधी से बिजली के तार टूट गए और कई स्थानों
पर बिजली के पोल भी गिर गए। दिनभर कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने में लगे रहे,
लेकिन देर शाम तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई।
इससे पहले, शनिवार अलसुबह
हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं और दोपहर को भी आधा घंटे तेज बारिश
हुई। बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली।
जिलेभर में कुल दस एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है
कि आगामी चौबीस घंटों में और बारिश आने की संभावना है।
मौसम
विशेषज्ञों के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस और
न्यूनतम तापमान 20.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 10.2 एमएम हुई
है।
बारिश के मौसम में जलभराव की स्थिति से निपटने के दावे करने वाले
प्रशासनिक अधिकारियों की पोल पहली बारिश ने खोल दी है। नगर निगम व हुडा के
एरिया में गंदे पानी के नाले रुके हैं और इस कारण बारिश के पानी की निकासी
नहीं हो सकी। सड़कों पर डेढ़ से दो फुट तक पानी जमा हुआ और लोग परेशान हुए।
शाम तक सड़कों से पानी निकासी हो पाया। शहर के हांसी चौक, रेलवे रोड,
कमेटी चौक, सेक्टर-13, 14, 12, 6, 7 सहित अनेक कॉलोनियों में पानी जमा रहा।
परेशान होकर लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को कोसा और सफाई न करने के
आरोप लगाए। यदि समय रहते नालों की सफाई होती तो पानी निकासी की समस्या
सामने नहीं आती।
ठंडे मौसम का लिया आनंद
बारिश के बाद ठंडी
हवा चली और मौसम ठंडा रहा। लोगों ने ठंडे मौसम का आनंद उठाया। परिवार के
साथ पार्कों में टहलते रहे। सड़कों पर दिनभर चहल पहल रही। 42 डिग्री तापमान
से शनिवार को 35 डिग्री पर आ गया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान कम होने से
मौसम ठंडा रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी 24 घंटे बारिश की
संभावना है।
तूफान की स्पीड देखकर घबराए लोग
150 किलोमीटर
प्रति घंटा की स्पीड से आए तूफान को देखकर लोग घबरा गए। लोगों ने दुकानों
के शटर डाउन कर दिए और मकानों के दरवाजे बंद करके अंदर ही दुबके रहे।
मार्केट में आ रहे लोगों ने तूफान के दौरान दुकानों में जाकर बचाव किया।
कमेटी चौक के पास दर्जनों मकानों के बोर्ड सड़कों पर आकर गिरे। धूल भरी
आंधी से लोग रेत में अट गए।
किसानों के लिए बारिश बेहतर
इस
सीजन में बारिश की सख्त जरूरत है। इस बारिश का किसी को कोई नुकसान नहीं है।
खेत खाली और धान की तैयारी में किसान लगे हैं। धान को अधिक से अधिक पानी
की जरूरत है। जिले में एक लाख 65 हजार बॉक्स
बिजली रही दिनभर गुल
सुबह
से मौसम खराब होने की वजह से दिनभर बिजली व्यवस्था ठप रही। साढ़े चार बजे
के बाद कहीं-कहीं पर बिजली सप्लाई शुरू हो पाई। बिजली न आने के कारण
मार्केट में जेनरेटरों की आवाज रही और इनर्वटर जवाब दे गए। घरों में पानी
सप्लाई रुक गई। इससे लोग खूब परेशान हुए। बिजली आने के दो घंटे के बाद पानी
की सप्लाई लोगों तक पहुंची। शहर के ज्यादातर इलाकों में छह से सात घंटे तक
बिजली गायब रही।
कोट
तूफान में कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे
गिरने से बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। बारिश बंद होने के बाद कर्मचारियों
ने फाल्ट दूर किए और साढ़े चार बजे तक बिजली सप्लाई शुरू करवाई। तूफान के
कारण निगम को नुकसान हुआ है और लोग परेशान हुए हैं।
- डीवीएस धनखड़, एसई, बिजली निगम करनाल।