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Karnal News: शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु, बम बम भोले की गूंज

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- सावन के पहले सोमवार को सुबह से कतार में दिखे भक्त, किया जलाभिषेक
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। अलसुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की कतार लग गई। मान्यता है कि सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक अत्यंत शुभ और फलदायी होता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक कुछ पवित्र चीजें शिवलिंग पर सबसे पहले चढ़ा दें, तो भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होकर जीवन के समस्त दुखों, कष्टों और दोषों का नाश कर देते हैं। शिवजी शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की हर प्रार्थना को सुनते हैं और उन्हें अभय, आरोग्य, समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद देते हैं। सावन के पहले सोमवार को जिले के सभी मंदिरों में श्रद्धालु अल सुबह से ही कतारों में खड़े हो गए थे, जो सिलसिला दोपहर तक चला।




श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर सेक्टर सात में सुबह पांच बजे भोले बाबा का जलाभिषेक और दर्शन किए। श्रद्धालुओं से भोले बाबा का गंगाजल, बिल्व पत्र, धतूरा, भांग, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर, चंदन, रोली, अक्षत से अभिषेक किया और धूप, दीप से आरती की।
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शिव मंदिर सेक्टर छह में सुबह से ही 51 फुट के शिवलिंग के दर्शन करने और नए और पुराने शिवलिंग पर पूजा और जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु पहुंचे गए थे। श्रद्धालुओं ने भोले बाबा की आरती की और फल अर्पित कर विश्व कल्याण की कामना की। अंसल टाउन के शिव मंदिर में वहां के निवासियों ने भोले बाबा के दर्शन किए और जलाभिषेक किया।



ऑक के फूल से हार बना भोले को पहनाया

श्री सनातन धर्म मंदिर सराफा बाजार में सुबह सात बजे अंजलि हाथ में विशाल हार लेकर कतार में खड़ी थी। उसने बताया कि वह अपने दादा मामचंद के साथ भोले बाबा की हीरे की आंख वाली विशाल प्रतिमा के लिए ऑक के फूलों से हार बनाकर लाईं हैं जिसे भोले को पहनाएंगी। अंजली ने बताया कि उनके परिवार का सपना था कि भोले बाबा के गले में ऑक के फूलों से बना हार डाला जाए, जिसको लेकर उसके परिवार के सभी सदस्य घोघड़ी पुर गांव, मधुबन, स्टौंडी, मूनक, कंबोपुरा, दहा, बजीदा जाटान, घरौंडा में जाकर ऑक से दो दिन फूल चुने और विशाल हार बनाया।




रोजाना आते हैं मंदिर

शिव मंदिर सेक्टर छह में श्रद्धालु दीपक और उनकी पत्नी साक्षी कई वर्षो से लगातार सुबह शाम भोले बाबा के दर्शन करने आते हैं उनका मानना है बाबा के रोजाना दर्शन करने से उनकी सभी मनोकामना पूरी होती है।




श्रद्धालु अनिल मित्तल का कहना है कि वह बचपन से लगभग 45 वर्षो से रोजाना नए और पुराने शिवलिंग पर वह जला चढ़ाते आ रहा है। इससे उनके परिवार में सुख शाति और एकता बनी रहती है और व्यापार में लाभ होता है।




श्री कर्णेश्वरम महादेव में रोजाना आने वाले श्रद्धालु कमलकांत का कहना है कि वह रोजाना मंदिर खुलने से पहले आ कर बैठ जाता हूं और जैसे ही मंदिर के कपाट खुलते है तो सबसे पहले उन्हें दो कबूतरों के दर्शन होते है जिससे उसको खुशी मिल रही है। रोजाना भोले बाबा की पूजा करने से मन शांत रहता और घर में बरकत होती है।
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पत्नी मीनाक्षी के साथ हर सोमवार को श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में भोले बाबा के दर्शन करने वाले विवेक का कहना है कि रोजाना कार्यालय जाने के कारण वह सावन के हर सोमवार को आता है, उनका मानना है कि हिंदू धर्म के हर व्यक्ति को रोजाना बाबा के दर्शन और जल चढ़ाना चाहिए अगर ये नही कर सकते तो सावन के सोमवार को तो जरूर आना चाहिए।
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