माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिलेभर की अनाज मंडियां धान से अटी हैं। अंदर से बाहर तक जाम की स्थिति है। द्वारों पर किसानों की कतारें हैं। कांट्रेक्टर के माध्यम से मंडियों से धान का उठान कराने की व्यवस्था फेल नजर आ रही है। आढ़ती एसोसिएशन प्रधान रजनीश चौधरी ने वीरवार शाम छह बजे से शनिवार सुबह सात बजे तक धान न लाने की अपील की है। वहीं, जब धान का सीजन चरम पर पहुंच रहा है, तो करनाल जैसी प्रमुख अनाज मंडी के अधिकारी-कर्मचारी किसानों को लाइनों में लगा छोड़ छुट्टी पर चले गए हैं। फिलहाल बुधवार को जुंडला अनाज मंडी के सचिव को करनाल मंडी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर किसी तरह व्यवस्था सुचारू कराई गई है। व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मंडलायुक्त संजीव वर्मा और उपायुक्त अनीश यादव को स्वयं ही मंडियों में उतरकर कमान संभालनी पड़ी है।
करनाल मुख्य अनाज मंडी में बुधवार को भी अव्यवस्था का आलम रहा। पूरी मंडी में जाम की स्थिति दिखी। धान के उठान की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। ये भी बताया जा रहा है कि कांट्रेक्टर ने अभिलेखों में जितने ट्रक दिखाए हैं, वास्तव में उतने ट्रक मंडियों में नहीं लगाए गए हैं। दूसरी बड़ी बात ये है कि मंडियों में नई व्यवस्था के तहत एंट्री व आउटगोइंग दोनों गेटपास जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है। जिससे गेटपास काटने में दिक्कत आ रही है। अचानक पोर्टल पर अत्यधिक लोड पड़ने से उसकी गति भी धीमी हो गई है। दशहरा का अवकाश के दिन भी किसानों का पूरा दिन लाइनों में ही लगे लगे गुजर गया।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि जिले में धान की खरीद का एक अक्तूबर को शुरू हुआ था, कल तक मंडियों में दो लाख 93 हजार 391 मीट्रिक टन धान की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की जा चुकी है। एजेंसियों को खरीदी गई धान का उठान में तुरंत करवाने के आदेश खरीद एजेंसी को दिए गए हैं। इसमें से 170904 मीट्रिक टन धान खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा, 69348 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा तथा 53139 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाऊसिंग द्वारा खरीदा गया। धान का खरीद कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। मार्केट कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार असंध में
37364 मीट्रिक टन, बल्ला में 626 मीट्रिक टन, ब्याना में 2906 मीट्रिक टन, घरौंडा में 35221 मीट्रिक टन, घीड़ में 3708 मीट्रिक टन, इंद्री में 23900 मीट्रिक टन, जुंडला में 28408 मीट्रिक टन, करनाल में 43758 मीट्रिक टन, कुंजपुरा में 13834 मीट्रिक टन, निगदू में 17959 मीट्रिक टन, नीलोखेड़ी में 3898 मीट्रिक टन, निसिंग में 43436 मीट्रिक टन तथा तरावड़ी में 38373 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
करनाल अनाज मंडी फुल हो गई है, इसलिए सभी किसानों से अपील है कि शुक्रवार को धान लेकर न आए। मंडी प्रशासन द्वारा वीरवार की शाम छह बजे से शनिवार की सुबह सात बजे तक गेटपास काटने का कार्य बंद रखा जाएगा। इस अवधि में जोरशोर से धान की लिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा।
-रजनीश चौधरी, प्रधान-करनाल अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
करनाल जिले में 300 से अधिक राइस मिल संचालकों को सीएमआर के लिए धान खरीद की अनुमति दे दी है। अब तक 293391 एमटी धान खरीद लिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 74.34 करोड़ रुपये का भुगतान दे दिया है। लगातार भुगतान किया जा रहा है।
अनिल कालरा, डीएफएससी करनाल।
व्यवस्था सुधारने का निर्देश
तरावड़ी। मंडलायुक्त संजीव वर्मा बुधवार सुबह 10.40 बजे तरावड़ी अनाज मंडी पहुंचे। मार्केट कमेटी कार्यालय की बजाय वह सीधे किसान की ढेरी पर पहुंचे। किसानों से बातचीत की। उनकी परेशानियां जानी। किसान ईशपाल सिंह ने मांग की कि उनकी फसल की तुलाई डिजिटल कांटे पर हो, क्योंकि दूसरे लगे कांटों पर उन्हें तोल के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती। इस पर मार्केट कमेटी सचिव मोहित बेरी ने कहा कि हर शेड के अंदर चार तरह के कांटे लगे हुए और किसान को जिस कांटे पर सुविधा लगे उस पर तोल करवा लें।
इस दौरान मंडल आयुक्त ने खरीद, फसल उठान, अदायगी व गेट पास प्रक्त्रिस्या के साथ साथ मंडी में किसानों के लिये अटल किसान मजदूर कैंटीन में मिलने वाले भोजन, पीने के पानी तथा शौचालय जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंडल आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में फसल बेचने के लिए आने वाले किसान को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
डीएफएससी अनिल कालरा ने बताया कि तरावड़ी मंडी में 1 लाख मीट्रिक टन धान आने की संभावना है, इसमें से 26 हजार 500 मीट्रिक टन आवक हो चुकी है, जिसमें से 8800 मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है। उन्होंने खरीद एजेंसीयों के अधिकारियों को भी खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ ट्रांसपोर्टरस के माध्यम से फसल उठान के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। मौके पर तरावडी नगर पालिका के चेयरमैन वीरेंद्र बंसल, मंडी सचिव मोहित बेरी, नगरपालिका सचिव अजीत कुमार, खाद्य पूर्ति विभाग से निरीक्षक राजीव लांगयान, हैफेड से निरीक्षक बिजेंद्र राठी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी,आढ़ती व भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।