संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। उत्तर प्रदेश के सांगी संजय मलिक एवं पार्टी ने बुधवार को सांग का मंचन कर मनु और शतरूपा की कहानी को दिखाया। जिसमें भक्त ध्रुव की ईश्वर के प्रति गहरी आस्था को दर्शाया गया। कलाकारों ने दिखाया कि मनु और शतरूपा के दो पुत्र थे, प्रियवत और उत्तानपाद। उत्तानपाद की सुनीति और सुरुचि नामक दो पत्नियां थीं। राजा उत्तानपाद को सुनीति से ध्रुव और सुरुचि से उत्तम नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए।
सुनीति बड़ी रानी थी परंतु उत्तानपाद का प्रेम सुरुचि के प्रति अधिक था। एक बार सुनीति का पुत्र ध्रुव पिता की गोद में बैठा खेल रहा था। इतने में सुरुचि वहां आई और ध्रुव को उत्तानपाद की गोद में खेलते देख वह नाराज हो गई। सौतन के पुत्र को पति की गोद में वह बर्दाश्त न कर सकी। उसने झपट कर बालक ध्रुव को राजा की गोद से खींच लिया और अपने पुत्र उत्तम को उसकी गोद में बिठा दिया। पांच वर्ष के ध्रुव को अपनी सौतेली मां के व्यवहार पर क्रोध आया। वह भागते हुए मां सुनीति के पास आए तथा सारी बात बताई।
सुनीति बोली, बेटा तेरी सौतेली माता सुरुचि से अधिक प्रेम के कारण तुम्हारे पिता हम लोगों से दूर हो गए हैं। तुम भगवान को अपना सहारा बनाओ। माता के वचन सुनकर ध्रुव को कुछ ज्ञान उत्पन्न हुआ और वह भगवान की भक्ति करने के लिए पिता के घर को छोड़ कर चल पड़े। राजा उत्तानपाद को ध्रुव के चले जाने से बड़ा पछतावा हुआ। इस अवसर पर कुलदीप कैमला, धीरज भाटिया, राज सिंगला , डॉ रमेश शर्मा, देवेंद्र धीमान, हरी राम शर्मा, अशोक भटनागर, रिंकू सिंह, शुभम शर्मा, आदि उपस्थित थे