माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। मुजफ्फरनगर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अर्टिगा कार के चालक फरीदपुर निवासी शिवा (23) गाड़ी लेकर नहीं जाना चाहते थे। वह मंगलवार को परिवार के साथ ज्वाला जी गए थे। रात को 3 बजे ही घर लौटे थे। इसलिए वह टैक्सी कार मालिक कालू पंडित को गाड़ी ले जाने के लिए मना कर रहे थे। मां ने भी मना किया था।
मालिक ने कई बार उसे कॉल किए हर बार जवाब नहीं में ही दिया। इसके बाद मालिक रात में कार उनके घर के बाहर ही खड़ी कर गया। बेटे की थकान को देखते हुए मां ने भी जाने से मना किया था लेकिन घर की मजबूरी में उसे जाना पड़ा। सुबह 5 बजे वह महेंद्र जुनेजा की अस्थि विसर्जन के लिए परिवार के साथ हरिद्वार के लिए निकले थे। वह महज 2 घंटे ही घर पर आराम कर सके थे। एक घंटे बाद ही हादसे का शिकार हो गए।
तीन साल पहले हुई शादी, डेढ़ साल का है बेटा
मृतक शिवा की 3 साल पहले दिल्ली की काजल के साथ शादी हुई थी। उसका डेढ़ साल का बेटा रोनित है। शिवा ने 12वीं तक ही पढ़ाई की थी। इसके बाद पढ़ाई छोड़कर चालक का काम करने लगे। छह साल से वह गाड़ी चलाने का काम कर रहे थे। शिवा के पास अपनी कार नहीं थी। दूसरों की टैक्सी कार ही चलाते थे। उनके दो छोटे भाई अरुण और मोहित हैं। मोहित ने बताया कि घर का खर्च बड़े भाई शिवा ही चलाते थे। वह हरिद्वार नहीं जाना चाहता थे लेकिन कार मालिक कालू पंडित ने बुकिंग होने के कारण भेज दिया।