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Karnal News: कम लागत में सिर्फ 15 मिनट में तैयार होगा देसी घी

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देव शर्मा
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करनाल। देसी घी तैयार करने के लिए अब लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वहीं लागत भी कम आएगी। क्योंकि राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने घी बनाने वाली मशीन की तकनीक तैयार की है। जिसका एक मॉडल राष्ट्रीय डेयरी मेले के दौरान प्रदर्शित किया है। इसमें एक तरफ से मक्खन डालने के बाद दूसरी ओर से उच्च गुणवत्ता वाला घी निकलेगा। इसकी खास बात ये रहेगी कि इसमें जलने की कोई गंध नहीं आएगी। सिर्फ 15 से 20 मिनट में मक्खन घी में परिवर्तित हो जाएगा। इसके सभी पूर्ण पौष्टिक गुण विद्यमान रहेंगे।
सदियों से देश में मक्खन हांडी में निकाला जाता है, इसके बाद उसे कढ़ाई या पतीले में गर्म करके घी बनाया जाता है। इसमें काफी समय तो लगता ही है, गर्म करने में ईधन की भी अच्छी खासी खपत होती है। एनडीआरआई की वैज्ञानिक (डेयरी अभियांत्रिकी) डॉ. खुशबू ने बताया कि एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान में सतत घी बनाने की तकनीक विकसित की है। जिसका मॉडल मेले में प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसमें एक ब्वायलर लगाया गया है, जिसमें स्टीम बनती है, जो स्क्रेप्ड सरफेज में लगी हीट एक्सचेंजर (ऊष्मा हस्तांतरण यंत्र) में पहुंचती है। इसमें दो मक्खन स्टोरेज लगे हैं, जिनसे मक्खन भी पंप के सहारे पाइप से होते हुए स्क्रेप्ड सरफेज में पहुंचता है। यहां पर 105 से 115 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गर्म होता है।
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बड़े स्तर पर उत्पादन में होगी सहायक
एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक (अभियांत्रिकी विभाग) डॉ. चित्र नायक ने बताया कि विकसित की गई तकनीक के आधार पर तैयार मॉडल को सभी को चलाकर दिखाया जा रहा है। लेकिन ये घी के बड़े स्तर पर उत्पादन में सहायक होगी। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला देशी घी तैयार होगा, जिसमें सभी पोषक तत्व विद्यमान रहेंगे। इसमें जलने की कोई गंध नहीं आएगी। सबसे खास बात ये है कि घी की उत्पादन लागत और समय दोनों ही कम करेगी। इसमें 15 से बीस मिनट में मक्खन से घी तैयार हो जाएगा।
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