जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार गौरिया ने जिला के सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था को दुरुस्त करने व लापरवाह शिक्षकों की कार्यप्रणाली सुधारने की दिशा में कदम उठाते हुए वीरवार को जिले के कई स्कूलों में अचानक छापेमारी की। इससे सभी स्कूलों के मुखियाओं और अध्यापकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अध्यापकों के अनुपस्थित मिलने पर काफी गुस्से से पेश आए। उन्होंने दो शिक्षकों का दो- दो दिन का वेतन काटने के आदेश भी जारी किए। उन्होंने शिक्षकों को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वन के आदेश भी दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सबसे पहले बांसा गांव के हाई स्कूल का निरीक्षण किया। वहां की स्थिति ठीक पाई गई। उसके बाद भंाबरेहड़ी गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस विद्यालय में सबसे ज्यादा खामियां पाई गई। विद्यालय कार्यरत धमेंद्र बालिका मंच का रिकार्ड नही दिखा सके। उसके बाद कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ के इंचार्ज सुरेश कुमार अनुपस्थित मिले और उनका अवकाश का रिकार्ड भी न मिलने से गुस्साए डीईओ ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उसके बाद कुडलन गांव के स्कूल का नंबर आया। इसमें भी कई खामियां पाई गई। यहां पर संस्कृत अध्यापक सुरेंद्र की 28 व 29 जून की हाजिरी नहीं लगी थी।
इसी प्रकार ड्राइंग टीचर सरिता देवी भी अनुपस्थित मिली। शिक्षक सुभाष चंद की हाजिरी लगी हुई थी, लेकिन स्कूल में उपस्थित नहीं मिला। इस पर डीईओ ने डीडीओ अशोक कुमार को लताड़ लगाई और स्पष्टीकरण भी मांगा। डीईओ ने दो दिन अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। इसी दौरान उन्होंने डीडीओ अशोक कुमार से डीडीओ पावर छीन जाने की भी चेतावनी दी। इसी क्रम में जब जलमाना के स्कूल का नंबर आया तो वहां की स्थिति संतोषजनक थी। उसके बाद जयसिंहपुरा स्कूल में चैकिंग के दौरान अजीब मंजर सामने आया। यहां के स्कूल की इंजार्ज कविता को यह भी नहीं पता था कि विद्यालय में बालिका मंच और कानूनी प्रकोष्ठ का इंचार्ज कौन है। इसके बाद डीईओ ने असंध के दोनों वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और बीईओ कार्यालय की चैकिंग की यहां की स्थिति दुरुस्त पाई गई।