गांव पीर बडौली में बुखार से दो मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दौरा करने की जहमत नहीं उठाई। इससे गांववासियों में विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में फॉगिंग न कराने की सूरत में ग्राम पंचायत ने गांव में स्वयं फॉगिंग कराने की ठान ली है। पंचायत ने गांव में फॉगिंग मशीन मंगवा ली है। रविवार को गांव में फॉगिंग कराई गई तथा नालियों में दवाई का छिड़काव किया गया।
कस्बे व आसपास के गांवों में वायरल, डेंगू व मलेरिया बुखार ने लोगों को पूरी चपेट में ले रखा है। सरकारी अस्पताल में डेंगू चेक करने के संसाधन न होने के कारण मरीज मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। लगभग पंद्रह दिनों में गांव पीर बडौली, डिंगरमाजरा व घरौंडा में बुखार से चार मौतें हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इनसे अनभिज्ञ है। गांव पीर बडौली में बुखार का सिलसिला अभी जारी है। विभाग के अधिकारी गांवों में फॉगिंग कराने का ठीकरा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के सिर पर फोड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरन ग्राम पंचायत ने गांव में फॉगिंग कराने के लिए मशीन मंगवाई है और रविवार को गांव में फॉगिंग कराई गई तथा नालियों में दवाई का छिड़काव किया गया। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम का दौरा कराया जाएं और मरीजों के सैंपल लेकर उनका इलाज कराया जाएं, ताकि लोगों को बुखार से राहत मिल सकें।
गांव के सरपंच अशोक कुमार ने बताया कि गांव में लोगों का बुखार से बुरा हाल है। गांव में बुखार से दो मौतें हो चुकी है और आज भी 15-20 से ज्यादा महिला, पुरुष व बच्चे बुखार से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने गांव का दौरा करने तक की जहमत नहीं उठाई है। ग्रामीणों ने गांव में फॉगिंग कराने की मांग की थी, लेकिन विभाग ने बीडीपीओ के सिर पर ठीकरा फोड़ दिया। जिससे मजबूरन ग्राम पंचायत को फॉगिंग मशीन लानी पड़ी।
उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ कुलबीर सिंह दाहिया ने बताया कि गांव डिंगरमाजरा में शिमला व पीर बडौली में जयबीर की मौत डेंगू से नहीं हुई है। जिसका रिकार्ड निकाल लिया है। उन्होंने बताया कि कविता की मौत की रिपोर्ट सोमवार को आ जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम दौरा करेगी और इससे पूर्व भी टीम गांव का दौरा कर चुकी है।