सेक्टर-14 स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में पथरी का इलाज कराने गये व्यक्ति की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को हॉस्पिटल के गेट पर रख कर करीब डेढ़ घंटे तक धरना दिया। साथ ही हॉस्पिटल मालिक के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया। सूचना मिलने पर डीएसपी राजीव और सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद वे शव उठाने को राजी हुए।
गांव गोंदर निवासी वेदपाल ने बताया कि उसका 23 वर्षीय बेटा रिंकू गाड़ी चलाता था। शुक्रवार को उसे पथरी का दर्द होने पर सेक्टर-14 स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे भर्ती कर लिया। साथ ही कहा कि ऑपरेशन करना होगा। इसके बाद रात को उसे एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद रिंकू की तबीयत खराब हो गई। डॉक्टरों ने आनन-फानन में उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे दूसरे प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता वेदपाल का कहना है कि डॉक्टर कि लापरवाही के कारण ही उसके बेटे की मौत हुई है। डॉक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि रिंकू के पास 2 बच्चे हैं। इस संबंध में डीएसपी राजीव कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।