जेई से मारपीट करने के मामले में आरोपी वार्ड एक के पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार से नगर निगम के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। निगम कर्मियों ने दिनभर निगम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर पार्षदों और मेयर के खिलाफ नारेबाजी की तथा आरोपी पार्षद की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। निगम कर्मियों ने आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी न होने पर सड़कों पर उतरने ऐलान किया है। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरा दिन निगम कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। इससे निगम कार्यालय में पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
वार्ड नंबर एक के पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह व निगम के जेई राजकुमार के बीच आपसी कहासुनी व मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इसको लेकर निगम प्रशासन लामबंद हो गया है। सुबह नौ बजे जैसे ही निगम के कर्मचारी और अधिकारी आफिस पहुंचे तो सभी ने मामले को लेकर रोष जताया और काम छोड़कर हड़ताल कर दी। निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने सीधे शब्दों में पार्षद के व्यवहार पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पार्षद से किसी भी मामले में कोई चूक हुई है तो पार्षद को उसकी शिकायत निगम प्रशासन को देनी चाहिए थी, लेकिन जेई के साथ मारपीट करना निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि अब जब तक आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक निगम में हड़ताल जारी रहेगी। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पार्षदों व मेयर के खिलाफ भी नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली। धरने में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों ने भी नारेबाजी की।
ईओ समेत तमाम अधिकारी भी बैठे धरने पर
प्रदर्शन में निगम के ईओ से लेकर कर्मचारियों तक ने हिस्सा लिया। निगम कमिश्नर के किसी मीटिंग में होने की वजह से अन्य कोई अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास भी नहीं किया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरा दिन नगर निगम कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। दो दिनों की तीन दिनों की छुट्टियों के बाद अपनी फाइलें लेकर निगम कार्यालय पहुंचे, उपभोक्ताओं को भी मायूस होकर लौटना पड़ा।
जारी रहा बैठकों का दौर
उधर, मामले को लेकर दिनभर पार्षदों की बैठकों का दौर जारी रहा। गुप्त स्थान पर कई पार्षदों की बैठक हुई और मामले को लेकर विचार किया गया। देर शाम तक मामले को सुलझाने के लिए पार्षद जुटे रहे। उधर, आला अधिकारी भी इस मामले को लेकर लगातार अपडेट रहे हैं। एक तरफ कर्मचारी पार्षद की गिरफ्तारी पर अड़े हैं तो दूसरी तरफ पार्षदों के रुख को प्रशासन भांप रहा है।
भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए दे रहे धरना : पार्षद
वहीं, वार्ड नंबर एक के पार्षद राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि निगम द्वारा उनके वार्ड में जितने भी विकास कार्य करवाए हैं, उन सबमें लाखों रुपये की कमीशनखोरी हुई है। इसमें सभी अधिकारियों की मिलीभगत है। इस मामले के लेकर वह पहले भी कई बार नगर निगम आयुक्त व उपायुक्त को भी शिकायत कर चुके हैं। राजकुमार जेई से भी करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नाले टूटने का कारण पूछा था, लेकिन जेई ने उस पर मारपीट व जाति सूचक शब्द कहने का आरोप लगाया है। जेई द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी के दबाव में आकर चुप नहीं बैठेंगे, जो भी अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे, उनके खिलाफ आवाज बुलंद रहेगी।