जाट बहुतकनीकी कॉलेज के विद्यार्थियों ने एक बार फिर से अपनी मांग को
दोहराते हुए कहा कि जाट ग्राउंड को स्टेडियम बनाया जाए, ताकि खिलाड़ियों को
अभ्यास के लिए भटकना न पडे़।
शहर के बीच में कोई भी स्टेडियम नहीं है।
खिलाड़ियों को बाहर के स्टेडियमों में जाना पड़ता है। छात्राओं को अधिक
परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जाट बहुतनीकी कॉलेज के अजय, दीपक, इकबाल,
साहब सिंह, विशाल, शुभम, मयंक तथा रोहित ने बताया कि जाट कॉलेज मैदान में
खिलाड़ियों के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं प्राप्त हो रही है। पीने
के लिए पानी की कोई भी उचित व्यवस्था नहीं है। खिलाड़ियों को या तो पानी
घर से लाना पड़ता है या फिर पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है। शौचालय
और ड्रेसिंग रूम न होने के कारण खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आती है।
जिला स्टेडियम बहुत दूर होने की वजह से परेशानी होती है। दीपिका, सीमा व
रॉकी ने कहा कि जाट मैदान में खिलाड़ियों के सभी सुविधाएं मुहैया करवाई
जानी चाहिए, ताकि शहर में खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारा जा सके। नए
खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास करने का मौका मिले। जाट मैदान के स्टेडियम
बनने पर शहर के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह मैदान शहर के बीच
में है।
पहले भी यहां स्टेडियम बनाने की मांग कई बार उठ चुकी है। खेल
प्रशिक्षक भी कई बार स्टेडियम बनाने व उचित सुविधाएं देने की मांग कर चुके
है। जाट पॉलीटेक्निक के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह मांग उठाई है।
जाट शिक्षा समिति और राज्य सरकार इस मांग पर गौर करे और जाट मैदान में
इंडोर स्टेडियम बनाया जाए, ताकि खिलाड़ियों को सारी सुविधाएं प्राप्त हो।