आरकेएसडी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने एक अनूठी पहल करते हुए दीपावली
मेले से राशि एकत्रित कर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 800 बच्चों को
जर्सियां उपलब्ध करवाई हैं।
समाजसेवा के क्षेत्र में बच्चों की इस पहल पर
स्कूल प्रबंधक समिति ने भी आगे बढ़कर सहायता की और जितनी राशि बच्चों ने
एकत्रित की थी, प्रबंधक समिति ने उतनी ही राशि जोड़ते हुए जरूरतमंद बच्चों
की सहायता की। बुधवार को स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को ये
जर्सियां वितरित की।
आरकेएसडी पब्लिक स्कूल में दीपावली मेले में स्कूल
के बच्चों की ओर से गेम स्टॉल, फूड स्टॉल, कला प्रदर्शनी ओर सांस्कृतिक
झांकियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम से छात्रों द्वारा राशि एकत्रित की
गई।
जिसे वे समाजसेवा पर खर्च करना चाह रहे थे। बच्चों के इस उत्साह को
देखकर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सतीश बंसल, प्रधान साकेत मंगल, कोषाध्यक्ष
सुनील चौधरी, उप प्रधान नरेश शोरेवाला व अन्य सदस्यों ने गरीब बच्चों की
सहायता के लिए इस यज्ञ में आहुति डालने का निर्णय किया।
इस पर समिति ने
बच्चों द्वारा एकत्रित की गई राशि के ही समान राशि जोड़ते हुए बच्चों के
फैसले में सहमति जताई। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सूचना
देकर जरूरतमंद बच्चों का चयन कर नाम भेजने को कहा गया। इसी बीच बच्चों ने
लगभग 800 स्कूली बच्चों को जर्सियां देने के लिए इनकी खरीदारी की।
वीरवार
को अधिकतर बच्चों को स्कूल में बुलाकर जर्सियां दी गईं, वहीं विद्यालय की
प्रधानाचार्या प्रीती शर्मा की प्रेरणा से स्कूल के अध्यापकों ने सर्वे कर
झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाले, इसी तरह के जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर दिए
तथा बच्चों को मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा दी।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने
बताया कि दीपावली मेले में बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम
स्टॉलों से कुछ राशि एकत्रित की थी। इसमें प्रबंधक समिति के सदस्यों ने
राशि का दोगुना करते हुए जरूरतमंद बच्चों की सहायता करने का मन बनाया। खंड
शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बच्चों के कार्य की सहराना की।
उन्होंने
कहा कि इस प्रकार के कार्य बच्चों में दूसरे की मदद का भाव पैदा करते हैं।
प्रबंधक समिति अध्यक्ष सतीश कुमार बंसल व प्रधान साकेत कुमार मंगल ने बताया
कि भविष्य में भी स्कूल इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। इससे
बच्चों के मन में परोपकार, भाईचारे की भावना, एक-दूसरे का आगे बढ़ावा की
भावना जागृत हो और अच्छे व स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।