माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी स्कूलों में वितरित टैबलेट की वर्तमान स्थिति को एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने की अंतिम तिथि बीते भी चार दिन का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक जिले में 42.68 प्रतिशत यानी 13490 टैबलेट की स्थिति अपडेट नहीं है। ऐसे में विभाग को पता नहीं चल पा रहा है कि ये टैबलेट कहां और किस स्थिति में हैं। लापरवाही बरतने वाले करीब 400 स्कूलों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा।
पोर्टल पर अपडेट करने के लिए विभाग की ओर से दो बार अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया था, इसके बावजूद काम नहीं हो पाया। पहले तो स्कूलों की ओर से तर्क दिया गया था कि विभाग की ओर से विकसित किए गए नए ‘करंट टैब स्टेटस मॉड्यूल’ का लिंक स्कूलों में खुल ही नहीं पाया, जिसके कारण टैबलेटों की स्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सकी है।
जिले में 31607 छात्र-छात्राओं के पास टैबलेट हैं। पोर्टल पर यह दर्ज करना था कि किस स्कूल के पास कितने टैबलेट हैं, उनमें से कितने चालू हैं, कितने खराब हैं और कितनों को मरम्मत की जरूरत है। अभी तक के रिकार्ड के अनुसार, केवल 57.32 प्रतिशत यानी 18117 टैबलेट की स्थिति अपडेट हो चुकी है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को टैबलेट स्टेटस अपडेट करने के निर्देश दिए थे ताकि डिजिटल डिवाइस की वास्तविक उपलब्धता, भविष्य की योजनाओं, मेंटेनेंस, वितरण तथा ऑडिट प्रक्रिया में स्पष्टता मिल सके।
1000 के करीब टैबलेट-डिस्प्ले टूटी, बैटरी खराब
सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर टैबलेट वितरित किए थे, लेकिन जिले के विभिन्न स्कूलों में एक हजार के करीब टैबलेट खराब स्थिति में हैं। कई टैबलेट के डिस्प्ले टूट चुके हैं, कई की बैटरी खराब हो गई है या डिवाइस पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है। कुछ छात्रों ने टैबलेट गुम होने की जानकारी भी स्कूलों को दी है, जिससे विभाग को सीधा नुकसान हो रहा है। एक स्कूल से तो करीब 86 टैबलेट चोरी भी हो गए थे।
टैबलेट के फायदे
- ई-बुक, वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन कोर्स और सिमुलेशन आसानी से उपलब्ध
- एक ही डिवाइस में कई विषयों की सामग्री
किताबों का बोझ कम
- क्विज़, गेम-बेस्ड लर्निंग और 3डी मॉडल से पढ़ाई रुचिकर
- नई जानकारी तुरंत मिलती है
- डिजिटल टूल्स, टाइपिंग और ऑनलाइन रिसर्च सीखने में मदद
टैबलेट के नुकसान
- अधिक स्क्रीन टाइम से आंखों में दर्द, सिरदर्द, नींद की समस्या
- गेम और सोशल मीडिया से पढ़ाई से ध्यान भटकने की आशंका
- डिजिटल लिखाई बढ़ने से हैंडराइटिंग अभ्यास कम
- गलत वेबसाइट, वायरस और ऑनलाइन ठगी का जोखिम
इंद्री में सर्वाधिक तो नीलोखेड़ी में
खंड
कुल
दी जानकारी शेष (प्रतिशत)
असंध
4409
2171
2238 (50.77%)
घरौंडा
6044
3828
2216 (36.67%)
इंद्री
4165
1775
2390 (57.38%)
करनाल
7687
4466
3221 (41.90%)
नीलोखेड़ी
4842
3158
1684 (34.78%)
निसिंग
4460
2719
1741 (39.04%)
कुल
31607
18117
13490 (42.68%)
अभी तक 13490 टैबलेट की स्थिति अपडेट नहीं हो पाई है। इनके संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करके पूछा जाएगा। जो रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनमें करीब एक हजार टैबलेट खराब स्थिति में भी बताए गए हैं। - सुमित मान, नोडल अधिकारी एवं जिला गणित विशेषज्ञ
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