फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध खनन रोकने के लिए सख्त हुए डीसी

Fri, 29 Nov 2013 11:05 PM IST
करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल में अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। डीसी ने इस मामले में लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई।
विज्ञापन


अमर उजाला ने भी अवैध खनन के मुद्दे को शुक्रवार को प्रमुखता से माईसिटी में उठाया था। बैठक में पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद सहित राजस्व और खनन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। डीसी व एसपी ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को कडे़ निर्देश देते हुए कहा कि विशेषत: यमुना और अन्य क्षेत्रों में किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होना चाहिए।

दोनों अधिकारियों ने पुलिस विभाग को सतर्क करते हुए कहा कि वे सिविल अधिकारियों, बीडीपीओ व तहसीलदार को पहले की तरह साथ लेकर योजनाबद्ध तरीके से गश्त कर निगरानी बढ़ाएं।
विज्ञापन


साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध खनन को रोकने की कार्रवाई में यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही या ड्यूटी के प्रति असंवेदनशीलता पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में उपायुक्त विकास यादव ने बारी-बारी से रेवन्यू अधिकारियों से नवंबर के दौरान अवैध खनन के कितने मामले पकड़े और उन पर कितना जुर्माना लगाया, की जानकारी ली।

उपायुक्त की ओर से पहले ही अवैध खनन पर चेक के लिए राजस्व व पुलिस अधिकारियों की छह संयुक्त टीमें बनाई गई हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। यही नहीं, उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में अवैध खनन पर रोक लगाने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त की ओर से धारा 144 के तहत अनाधिकृत माइनिंग कार्यों पर निषेधाज्ञा भी लागू की गई है।

उन्होंने एसडीएम करनाल व इंद्री को निर्देश दिए कि वे राजस्व विभाग के अधिकारियों से समय-समय पर रिपोर्ट लेते रहें। जिले में मेकेनिकल इलिगल माइनिंग का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है और इस तरह की माइनिंग पर पूर्णतय: अंकुश रहेगा।

पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने समीक्षा बैठक में बताया कि जिले में यमुना नदी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सीमा के साथ लगते थाना इंद्री, कुंजपुरा, घरौंडा, मधुबन व सदर करनाल के अवैध खनन संभावित स्थानों पर लगातार प्रबंधक थाना/चौकी प्रभारी की ओर से चेकिंग की जा रही है।

अवैध खनन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत इस वर्ष के दौरान अब तक जिले में 33 अभियोग अवैध खनन से संबंधित दर्ज किए गए हैं। इसमें 55 व्यक्तियों को अदालत में पेश किया गया है।

इसी वर्ष में 430 वाहनों को जब्त किया गया और उनसे 61 लाख 87 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। अवैध खनन रोकने के लिए जिला पुलिस की तीन पीसीआर नदी के साथ लगते अवैध खनन संभावित क्षेत्रों में लगाई गई हैं।

करनाल पुलिस की ओर से हरियाणा व उत्तर प्रदेश की सीमा पर एक अस्थायी पुलिस चौकी का निर्माण भी किया गया है। एसपी ने उपायुक्त से विचार करते हुए बताया कि यमुना के साथ लगते गांवों में कुछ और अस्थायी चौकियां बनाई जाएंगी।

सभी बैंक लगाएं एटीएम में सीसीटीवी
करनाल के पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने डीएलआरसी की बैठक में बैंक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी घटना से बचने के लिए सभी बैंक अपने एटीएम में अच्छी किस्म के सीसीटीवी कैमरे लगवाएं और सुरक्षा गार्ड नियुक्त करें।

यदि बैंक अधिकारी ऐसा नहीं करते, आदेशों की अवहेलना करते हैं तो पुलिस को सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने पडे़ंगे। पुलिस अधीक्षक लघु सचिवालय के सभागार में डीएलआरसी की बैठक में सुरक्षा को मद्देनजर बैंक अधिकारियों के बीच बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस उनके हर सहयोग के लिए तैयार है।

फेक नोटों के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला नोडल थाना बनाया गया है। जिले में सिविल लाइन थाने को नोडल पुलिस स्टेशन बनाया गया है।

कोई भी बैंक इस थाने में आकर फेक नोट जमा करवा सकता है। आगे की कार्रवाई थाने की होगी। बैंक की मांग पर जिला पुलिस की ओर से तुरंत एस्कोर्ट दी जाती है। यदि किसी बैंक को अपने गनमैन के लाइसेंस का नवीनीकरण कराना है तो बिना विलंब उसका नवीनीकरण कराया जाता है।

बैंकों को भी चाहिए कि वे घटना होने से पहले जागें ताकि जिले में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हों। बैंकों में सुरक्षा की दृष्टि से धारा 144 के लिए जिलाधीश ने आदेश जारी किए हैं। यदि कोई बैंक उन आदेशों की अवहेलना करता है तो कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर एसडीएम मुकुल कुमार ने डिस्ट्रिक लेवल समीक्षा बैठक में बैंक अधिकारियों से कहा कि सरकार की इस स्कीम के तहत सभी बैंक, उपभोक्ताओं के आधार नंबरों को बैंक खातों से जोडे़ं ताकि उन्हें सरकार की एलपीजी तथा अन्य स्कीमों का लाभ मिल सके।

जनता के सहयोग से रुकेंगे अपराध
थाना निसिंग में डीएसपी असंध श्यामलाल कौशिक की अध्यक्षता में इंटर स्टेट क्राइम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कौशिक ने कहा कि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थानों का सहयोग जरूरी है।

पुलिस थानों व चौकियों में तैनात कर्मियों की ओर से सूचनाओं के आदान प्रदान से आपराधिक घटनाएं रोकी जा सकती है। बैठक में पेट्रोल पंपों पर होने वाली वारदात, पशु तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रांसफार्मर चोरी, वाहन चोरी, धान से भरे ट्रकों की चोरी, लूटमार व चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर बातचीत की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों की सूझबूझ व जनता के सहयोग से आपराधिक घटनाओं को रोकना था। उन्होंने कई पूर्व घटित घटनाओं पर विचार करते हुए सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में बस्ती से दूर निर्जन स्थान में लगे पंपों को सर्दी के मौसम में रात को जल्द बंद करवाने की बात कही।

कौशिक ने बताया कि गाय को खरीदने के बाद एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए उपायुक्त से परमिट करवाकर ले जाया जा सकता है।

बैठक में मुख्य रूप से थाना प्रभारी पूंडरी अंग्रेज सिंह, थाना प्रभारी जगदीश मोर, सीता माई चौकी प्रभारी जयपाल राणा, एसआई रिछपाल सिंह, जयभगवान शर्मा, राजबीर सिंह, पवन कुमार, सीआईए वन कैथल भूपसिंह, दशरथ, प्रेमसिंह, संजय, रमेश मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें