संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत शनिवार को राजकीय महिला महाविद्यालय रेलवे रोड में कार्यक्रम आयोजित हुआ। छात्राओं को आत्मरक्षा पर व्याख्यान और प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद छात्राओं ने कहा कि वे अब मनचलों को मुंहतोड़ जवाब दे सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वाइस प्रिंसिपल डॉ. बलबीर सैनी ने की। ताइक्वांडो के इंटरनेशनल कोच सतीश कुमार राणा और उनकी टीम ने प्रशिक्षण दिया। कोच सतीश ने बताया कि अगर कोई लड़का हाथ भी पकड़ ले तो घबराने की जगह दिमाग को स्थिर कर उसके हाथों को तकनीकों के जरिये लॉक करें, इससे बचाव के साथ-साथ दुश्मन पर हमला भी होगा। उन्होंने छात्राओं को स्वयं को बचाने के लिए तकनीक भी दिखाई। हाथ पकड़ने पर छुड़ाने की तकनीक, पीछे से पकड़ने की स्थिति में बचाव, बाल पकड़ने पर प्रतिक्रिया, बैग या दुपट्टे के सहारे बचाव, कमजोर हिस्सों पर प्रहार करने की सही तकनीक और गिरने और उठने की सुरक्षित विधि बताई। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ से डाॅ. एकता अरोड़ा, एनएसएस प्रभारी डाॅ. जीवन ज्योति और डॉ. गुरलीन मौजूद रहीं।
मुश्किल में काम आएगी तकनीक
उप प्राचार्य बलबीर सैनी ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम काफी सहायक रहा। कोच की ओर से जितने भी गुर सिखाए गए वह छात्राओं के मुश्किल समय में काम आएंगे। स्वयं का बचाव कर सकेंगी।
माैके पर सीखे बचाव के गुर
छात्रा कोशन ने बताया कि उन्होंने पहली बार आत्मरक्षा के गुर सीखे और मौके पर प्रयोग भी किया। अगर समय-समय पर लड़कियों को ऐसे प्रशिक्षण मिलेंगे तो अवश्य निडर होकर अपना बचाव कर पाएंगी।
विपदा में बनेगी मददगार
छात्रा महकप्रीत का कहना है कि उन्हें आत्मरक्षा से संबंधित कई प्रकार के लॉक के बारे में बताया गया। पहले समझ नहीं आता था कि बचाव कैसे किया जा सकेगा। अब खुद की रक्षा कर सकेंगी।