संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निकाली जा रही नगर कीर्तन यात्रा शुक्रवार को असंध खंड में रही। दाता गुरु तेग बहादुर कहंदे जिनू हिंद दी चादर, दिल्ली जा सीस वारया... जैसे शबद और गुरु के जयकारे पूरा दिन गूंजायमान रहे। श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पालिकी साहिब के आगे बढ़ने के साथ स्वागत में पुष्प वर्षा के लिए हाथ उठते और नमन कर आशीर्वाद लेने के लिए शीश झुक जाते।
असंध स्थित बड़ा गुरुद्वारे में शुक्रवार की सुबह पालकी साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश और अरदास कर रवाना किया गया। नगर कीर्तन गांव खेड़ी सर्फली, बिलौना, खिजराबाद से होते हुए खंडा खेड़ी उसके बाद न्यू झिंडा, रतक, चोचड़ा, रुकसाना, इच्छनपुर, डाचर, रणजीत नगर से गोंदर होते हुए गुरुद्वारा रोड़ी साहिब निसिंग पहुंचा। यहीं पर नगर कीर्तन ने रात्रि विश्राम लिया। शनिवार को यहीं से नगर कीर्तन आगे के लिए प्रस्थान करेगा।
पंज प्यारों ने की अगुवाई
नगर कीर्तन के दौरान पालकी साहिब की अगुवाई पंज प्यारे और वाहे गुरु नाम का जाप करते हुए स्कूली बच्चे चल रहे थे। श्रद्धालुओं ने पालकी साहिब के समक्ष माथा टेका और परिवार की शांति की कामना की। नगर कीर्तन का सभी गांव में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा की अगुवाई में नगर कीर्तन यात्रा ने सुबह असंध से प्रस्थान किया।
बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
गांव खेड़ी सर्फली में स्कूल के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति से गुरु तेग बहादुर साहिब का स्मरण किया। गांव बिलौना और न्यू झिंडा में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और रतक गुरुद्वारे में लंगर प्रसाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। चतर सिंह प्रधान डेरा खालसा, अंग्रेज सिंह वरैच, सुखवंत सिंह गुराया, कमलजीत सिंह मर्दानहेड़ी, मंगल सिंह, इंद्रजीत सिंह मर्दानहेड़ी, गुजर सिंह बिलोना, जोगिंदर सिंह झिंडा, गुरुमुख सिंह, हरकीरत सिंह, गुरमेद सिंह और कुलविंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।