फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: कांग्रेस यूथ अध्यक्ष ने पीएम और सीएम की फोटो पर लगाया काला रंग

विज्ञापन
कांग्रेस यूथ अध्यक्ष ने पीएम और सीएम की फोटो पर लगाया काला रंग
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन


करनाल। नए बस अड्डे पर लगे सरकारी योजना के फ्लैक्स में छपी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो पर कांग्रेस यूथ के जिलाध्यक्ष रजत लाठर व एक युवक ने काले रंग का स्प्रे करके क्रॉस का निशान बना दिया। वीरवार को इस वारदात के दो अलग-अलग वीडियो हरियाणा यूथ कांग्रेस के फेसबुक पेज पर अपलोड हुए। इनके साथ लिखा हुआ है कि वोट चोर को गद्दी छोड़नी पड़ेगी...। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद भाजपा में भी गुस्सा है।

भाजपा नेता एवं हरियाणा अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन तरलोचन सिंह ने वीडियो सामने आने के बाद एसपी गंगाराम पूनिया को लिखित में शिकायत देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह हरकत निंदनीय है। उन्होंने एसपी को दी शिकायत में कहा कि अगर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता और कोई टकराव के हालात पैदा हुए तो प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।
विज्ञापन


उन्होंने एसपी को दी शिकायत में कहा कि जून 2016 में नोएडा में भी पीएम के पोस्टर पर किसी ने काली स्याही डाली थी। पुलिस ने तब केस दर्ज किया था। उस मामले में फोटो से छेड़छाड़, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की फोटो के दुरुपयोग के नियमों के तहत कार्रवाई हुई थी। इसी तरह की कार्रवाई की उन्होंने यहां भी मांग की है।

इधर, वीडियो वारयल होने के बाद भाजपा के नेता और पदाधिकारी भी घटना की निंदा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। शुक्रवार को कांग्रेस यूथ के जिलाध्यक्ष रजत लाठर का मोबाइल बंद रहा।
विज्ञापन




यह देश के साथ गद्दारी : अध्यक्ष

भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर का कहना है कि पीएम और सीएम किसी पार्टी के नहीं होते। ये दोनों ही पद संवैधानिक हैं। उनके फोटो पर कालिख पोतना मतलब अपने देश और प्रदेश के साथ गद्दारी करना है। जिन्होंने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। अलग-अलग स्तर पर शिकायतें भी पुलिस को दी जा रही हैं। उन्होंने कांग्रेस की चुनाव में हार के बाद हताशा, निराशा बताते और ओछी मानसिकता की हरकत बताया है। ऐसे लोगों को जनता ने चुनाव में नकार दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें