साइबर क्राइम पर नकेल कसने के लिए करनाल में अलग से थाना खोला गया है। इस थाने में करनाल, कैथल और पानीपत में दर्ज होने वाले आईटी एक्ट और ऑनलाइन ठगी सहित साइबर संबंधित हर मामले की जांच होगी। कर्ण स्टेडियम के निकट इस थाने का उद्घाटन सोमवार को करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने किया। साथ ही उम्मीद जताई कि इससे साइबर अपराधों की गुत्थी सुलझेगी और ठगों तक पहुंचने में पुलिस कामयाब होगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से साइबर अपराध को रोकने के लिये पूरे हरियाणा में छह साइबर अपराध थाने खोले जा रहे हैं। इसके तहत ही करनाल में थाना खोला गया है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग एक क्लिक में ही लोगों की जीवन भर की खून पसीने की कमाई हड़प लेते हैं। उन्होंने नवगठित साइबर क्राइम थाना टीम को निर्देश दिए कि ठगी की शिकायत आने पर वह अपना दुख समझकर मामले की गहनता से जांच करें। इस दौरान एसपी गंगा राम पूनिया ने बताया कि जिस तरह तकनीकी का विकास हो रहा है उससे जीवन सरल तो हो गया लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इस तकनीकी को गलत तरीके से धन जमा करने का जरिया बना लिया है। इसी पर नकेल कसने के उद्देश्य से साइबर क्राइम थाने खोले जा रहे हैं। इस मौके पर पानीपत के एसपी शशांक कुमार सावन व कैथल के एसपी लोकेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
चार इंस्पेक्टर सहित 20 पुलिस कर्मचारियों की है टीम
-साइबर क्राइम थाना का इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप कुमार को नियुक्त किया गया है। इनके साथ तीनों जिलों से चुनिंदा साइबर एक्सपर्ट तीन इंस्पेक्टर, एक महिला निरीक्षक, दो उप निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक, तीन मुख्य सिपाही और छह सिपाही तैनात किये गये हैं।
इन तरीकों से करते हैं ठगी
- बैंक अधिकारी बनकर एटीएम नंबर व ओटीपी पूछकर।
- ओएलएक्स पर समान बेचने के नाम पर।
- लक्की ड्रा निकालने का नाम लेकर।
- फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर दोस्तों व रिश्तेदारों को इमरजेंसी हेल्प के नाम पर मैसेज भेज कर।
- व्हाट्सअप पर लिंक भेजकर, जिससे मोबाइल हैक हो जाता है।
- कोरोना वैक्सीनेशन का टीकाकरण कराने के नाम पर ओटीपी पूछकर।
- सरकार की योजना बताकर लोगों के खाते से रुपये निकालते हैं।
- आढ़ती बनकर किसानों के खाते में रुपये डालने के नाम पर।
- गूगल-पे व भीम एप पर रुपये का मैसेज भेजकर उनके खाते से रुपये निकालते हैं।
- एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर।
इन जगहों से साइबर ठगों का चलता है खेल
साइबर ठगी का खेल हरियाणा में मेवात के खेतों से और झारखंड के जामताड़ा के जंगल, राजस्थान के भरतपुर के अलावा अलवर के कुछ कस्बों व गांवों से चलता है। पुलिस की जांच भटकाने के लिए साइबर ठग अलग-अलग शहरों समेत दिल्ली के बैंक खाते और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस जब ठगों के नंबरों को खंगाल कर उक्त जगहों पर पहुंचती है तो ग्रामीण आरोपियों को पहले ही भगा देते हैं और उनके पक्ष में खड़े हो जाते हैं।
पश्चिम बंगाल के निकलते हैं सिम, पते पर मिलते हैं गरीब आदमी
- साइबर ठग जिन मोबाइल सिमों का प्रयोग करते हैं वह अधिकतर पश्चिम बंगाल के होते हैं और वह अन्य आरोपियों की आईडी पर सिम लेते हैं। इतना ही नहीं यह आरोपी गरीब लोगों को कुछ देकर उनका बैंक खाता भी खरीद लेते हैं और बैंक खाते में ठगी के रुपये मंगवाकर तुरंत खाते से रुपये निकाल लेते हैं। जब पुलिस उस बैंक खाते के पते पर जाती है तो वहां पर कोई गरीब आदमी मिलता है जिसका उस ठगी से कोई लेना देना नहीं होता।
ये बरतें सावधानी
- अपने बैंक अकाउंट की जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।
- एटीएम में जाकर किसी को अपना पिन कोड न बताएं और न ही किसी से रुपए निकलवाने की सहायता लें।
- पिन कोड लिखकर कर एटीएम कवर में न रखें।
- यदि बैंक अधिकारी बनकर कोई फोन करता है तो उसे कोई जानकारी न दें।
- किसी अज्ञात व्यक्ति के सामने एटीएम से रुपए न निकाले।
- मोबाइल में भी बैंक संबंधी कोई जानकारी न रखें।
- अपना ओटीपी कोड भी शेयर न करें।
- सिक्योर एप का प्रयोग करें, क्योंकि इन एप के कारण भी जानकारी लीक होती है।
- पासवर्ड में स्पेशल कैरेक्टर का प्रयोग कर स्ट्रोंग पासवर्ड रखें और समय-समय पर बदलते रहें।
- फेसबुक, व्हाट्सअप आदि पर आने वाले केबीसी व लक्की ड्रा के मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें।
- ऑनलाइन खरीदारी में हमेशा कैश ऑन डिलीवरी पेमेंट करने का ऑप्शन चुनें।
- बैंक खातों में होने वाली समस्याओं को उनकी ही वेबसाइट से हल करें।
- कंपनी की वेबसाइट पर दिए गए नंबर से ही कस्टमर केयर से संपर्क करें।
- लुभावने लिंक को खोलने से हमेशा बचना चाहिए।
- ऑनलाइन खरीदारी के वक्त उसी साइट का इस्तेमाल करें, जिसके बारे में आप जानते हैं।
- खाते से लगातार पैसे कट रहे हैं तो कार्ड को तुरंत ब्लॉक करवाएं।
- सरकार की योजना के नाम पर किसी से ओटीपी शेयर ना करें।
आईटी एक्ट मामले दर्ज ट्रेस ठगी गिरफ्तार
करनाल 46 14 93 हजार 8
पानीपत 32 25 30 हजार 22
कैथल 65 27 40.50 लाख 2
ऑन लाइन ठगी मामले दर्ज ट्रेस ठगी गिरफ्तार
करनाल 69 6 79 लाख 5
पानीपत 80 9 55 लाख 4
जिस तरह तकनीकी बढ़ रही है, उसी तरह साइबर क्राइम भी बढ़ रहे हैं। इन मामलों को ट्रेस करने के लिये पुलिस के सामने कई समस्यायें आती थी, इसलिए अलग से करनाल रेंज में साइबर क्राइम थाना खोला गया है। अब साइबर क्राइम से संबंधित हर मामले की गहनता से जांच होगी। इसके लिये विशेषज्ञों की टीम बनाई हुई है।
-भारती अरोड़ा, आईजी, करनाल रेंज।