दशहरे का पर्व मंगलवार को जिले में हर्षोल्लास से मनाया गया। दशहरा ग्राउंड में मुख्य अतिथि सीएम मनोहर लाल ने रिमोट का बटन दबाया तो 75 फुट के रावण, 65 फुट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले मैदान में धू-धू कर जल उठे। श्री रामलीला सभा द्वारा सेक्टर-4 के मैदान में विजयदशमी महोत्सव का आयोजन किया गया। दशहरा ग्राउंड में सूर्यास्त के समय रावण और उसके परिवार के पुतलों को अग्नि दी गई। इससे पहले जीप में सवार होकर मुख्य अतिथि ने ग्राउंड से लोगों को दशहरा पर्व की बधाई दी। रावण के पुतले में आग लगते ही दशहरा मैदान भगवान राम के जयकारों से गूंजने लगे। सभा के सचिव गौरव गर्ग के अनुसार करीब 25000 लोग रावण दहन देखने पहुंचे। दशहरा मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग से मंच बनाया गया। जहां शाम के समय करनाल के अलावा पंजाब के कलाकारों ने कार्यक्रम पेश किए। इस दौरान भगवान राम के भजनों पर दर्शक भी झूमे। मंच की व्यवस्था करनाल की प्रेम चावला एंड पार्टी ने की। इस दौरान कलाकारों ने रामलीला का मंचन भी किया।
मैदान में हुआ राम-रावण युद्ध
रामलीला भवन में राम लीला का मंचन कर रहे कलाकारों की ओर से ही दशहरा ग्राउंड में राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया। सुषमा कौशिक द्वारा ही सभी पात्रों के डायलॉग बोले गए। राम-रावण युद्ध का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा।
भगवान राम की झांकी रही आकर्षण का केंद्र
श्री रामलीला सभा की ओर से दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में शोभायात्रा भी निकाली गई। शोभायात्रा रेलवे रोड स्थित रामलीला भवन से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्ग कमेटी चौक, मीराघाटी व नमस्ते चौक से होकर दशहरा ग्राउंड पहुंची। जिसे रावण के पुतलों के चारों ओर लगी बैरिकेटिंग के साथ खड़ा किया गया। शोभायात्रा में सात बैंड व 18 झांकियां थीं। इसमें भगवान राम की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। श्री गणेश की झांकी के साथ ढोल-नगाड़ों ने शोभायात्रा की अगुवाई की। शोभायात्रा में राम जन्म, राम की शिक्षा-दीक्षा, सीता स्वयंवर, ऋषि-मुनियों का यज्ञ, मां दुर्गा, रावण अत्याचार, अशोक वाटिका, लंका में हनुमान व रावण अत्याचार की झांकी दिखाई गई। अशोक वाटिका में हनुमान की झांकी में हनुमान ने दर्शकों को फल का प्रसाद भी बांटा।
पुतलों में फटे बम, हुई रंगीन आतिशबाजी
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों में भारी आतिशबाजी की गई। लंका भी जबरदस्त आतिशबाजी कर जलाई गई। रावण दहन से पूर्व पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों को खाली करवा दिया ताकि कोई अनहोनी घटना न हो। वहीं दशहरा मैदान में सुरक्षा के लिहाज से अग्निशमन गाड़ी और एंबुलेंस भी तैनात रही। बम का धमाका काफी तेज था लेकिन पुतलों में आग लगते ही लोग रावण की लकड़ियां उठाने दौड़ पड़े।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने की रावण की पूजा
दशहरा मैदान में विजयदशमी के दिन सुबह से ही महाविद्वान रावण की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। हाथ में पूजा की थाली लिए महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों ने रावण के चरणों में शीश नवाया। दशहरा मैदान में रावण के चरणों में बैठकर श्रद्धालुओं ने कुशा, मिष्ठान, जलेबी, खिल-मखाने व धूप-दीप जलाकर पूजा की। रावण की पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मिष्ठान व काले चनों का प्रसाद भी बांटा। रावण की अर्चना के लिए मैदान में सभा द्वारा अलग से व्यवस्था की गई थी। पारिवारिक रीति-रिवाज के अनुसार लोगों ने रावण की पूजा के बाद छोटे बच्चों का मुंडन भी कराया।
हमेशा न्याय का साथ देने का भाव मन में बैठाएं : मनोहर लाल
कार्यक्रम में पहुंचे सीएम मनोहर लाल ने कहा कि आज का दिन न्याय और अन्याय के बीच में ये जो सदियों का संघर्ष चल रहा है, इस संघर्ष में न्याय की विजय का दिन है। हमेशा न्याय के साथ डटे रहें। अन्याय की पराजय करनी है, ऐसे भाव को अपने मन में बिठा लें। ऐसी परिकल्पना से सुखी समाज का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री से पहले समारोह में मेयर रेणु बाला गुप्ता ने भी मंच से पर्व की सभी को बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व ओएसडी अमरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद, जिला महामंत्री योगेंद्र राणा, राजवीर शर्मा, सभा के प्रधान अजय जैन, कर्ण मित्तल, सचिव गौरव गर्ग, संयुक्त सचिव अनुरुद्ध दिवान, मेला डायरेक्टर नरेश जायसवाल, गौरव गर्ग व समाजसेवी ब्रिज गुप्ता मौजूद रहे।
कुछ इस तरह रही दशहरे की झलकियां
05:35- दशहरा ग्राउंड पहुंचे सीएम मनोहर लाल
05:40- सीएम ने किया झांकियों का अवलोकन
05:45- अवलोकन करने के बाद मंच पर आए सीएम
05:51- सीएम का भाषण
06:03- लंका दहन
06:05- कुंभकर्ण दहन
06:06- मेघनाथ दहन
06:06- रावण दहन
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चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस, मचान से रखी निगाह
दशहरा मैदान में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दशहरा ग्राउंड में पहुंचने के लिए बने तीन गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर आने दिया गया। दशहरा ग्राउंड में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे। वहीं मचान पर चढ़ दूरबीन से पुलिस ने निगाह रखी।
मेले में जमकर लोगों ने की खरीददारी
दशहरा ग्राउंड के नजदीक सेक्टर-4 की सड़कों पर सुबह से खिलौनों और खाद्य सामग्री के स्टाल लगने लगे। सुबह दस बजे से ही लोग की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मेले में लगे स्टालों से बच्चों ने खिलौनों व अन्य सामान की जमकर खरीददारी की। बच्चों के लिए तरह-तरह के खिलौने दशहरा स्थल पर थे।
नेशनल हाईवे पर खड़े हो लोगों ने देखा रावण दहन
रावण दहन देखने के लिए जिले भर से हजारों की संख्या में लोग सेक्टर-4 के दशहरा ग्राउंड में पहुंचे थे। मंच के साथ श्री रामलीला सभा की ओर से करीब 2500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों ने दशहरा ग्राउंड के साथ लगती विभिन्न इमारतों व नेशनल हाईवे के फ्लाईओवर से चढ़कर लोगों ने रावण दहन देखा। दशहरा महोत्सव देखने उमड़ी भीड़ को दशहरा ग्राउंड से निकलने में करीब एक घंटे का समय लग गया। जितनी देर लोग दशहरा मैदान से बाहर आते रहे। उतने समय तक सेक्टर-4 व इसके साथ लगते इलाके और नेशनल हाईवे की सर्विस लेन पर जाम की स्थिति रही।
गुमशुदा बच्चों की कराई एनाउंसमेंट
दशहरा देखने को हजारों की तदाद में उमड़ी भीड़ उमड़ी। रावण दहन के बाद लोगों ने घरों की ओर चलने के लिए दशहरा ग्राउंड से प्रस्थान किया। इस भीड़ में कई लोगों के बच्चे गुम हुए, तो कई बच्चों के अभिभावक। उन्होंने मंच पर आकर इसकी एनाउंसमेंट कराई। तब जाकर मेले में बिछड़े लोग मिल सके।
350 रुपये किलो तक बिकी जलेबी
दशहरा पर्व के चलते शहरभर में जलेबी के स्टाल लगे। मिष्ठान की बड़ी दुकानों से लेकर फुटपाथ पर लगे जलेबी के स्टालों से लोगों ने जमकर जलेबी की खरीदारी की। बाजार में जलेबी की दुकानों पर 120 रुपये से लेकर 360 रुपये प्रति किलोग्राम में जलेबी बिकी। बाजारों में वनस्पति घी से बनी जलेबी 120 से 180 रुपये किलोग्राम व देसी घी से बनी जलेबी 320 से 350 रुपये प्रति किलोग्राम में मिली।