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दो करोड़ की नकली स्ट्रीट लाइट पकड़ी, संचालक फरार

Wed, 05 Apr 2017 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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दो करोड़ की नकली स्ट्रीट लाइट पकड़ी, संचालक फरार - फोटो : Amar Ujala
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जरनैली कालोनी में मनशा सोलर एनर्जी के नाम से चल रही फैक्ट्री के अंदर नकली स्ट्रीट लाइट बनाकर पंचायती राज विभाग को सप्लाई करने वाली एक कंपनी का खुलासा हुआ है। सूर्य कंपनी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस की ओर से देर शाम मारे गए इस छापे में करीब दो करोड़ रुपये की नकली स्ट्रीट लाइटों को पकड़ा गया। छापेमारी के दौरान कंपनी का संचालक फरार हो गया। जबकि छापे के दौरान पुलिस ने इस कंपनी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
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देर रात तक पुलिस मकान में मौजूद सारे सामान और रिकार्ड को कब्जे में लेने के लिए जुटी रही। कंपनी के अधिकारियों और पुलिस का दावा है कि इस मामले में एक बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है। जोकि सूर्या कंपनी के नाम से सरकार को भी करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा है। सूर्या कंपनी के अधिकारी इसमें पंचायती विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत होने का अंदेशा भी जता रहें है। पुलिस मामले को लेकर इसमें पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूर्या रोशनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट राजीव कोठारी ने बताया कि उनको दो जगह से सूचना मिली थी कि करनाल की जरनैल कालोनी में एक फैक्ट्री में नकली स्ट्रीट लाइट बनाकर उन पर सूर्या कंपनी का मार्का लगाकर पंचायती राज विभाग को सप्लाई की जा रही है। उन्होंने इसकी सूचना सिविल लाइन पुलिस प्रभारी मोहन लाल को दी।

इस पर सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल ने पुलिस बल और कंपनी की टीम सहित बुधवार देर शाम को फैक्ट्री में छापा मारा। छापे के दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में नकली स्ट्रीट लाइट, डाई सहित फैक्ट्री का सारा रिकार्ड बरामद कर लिया। कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट राजीव कोठारी ने बताया कि अगर इन नकली स्ट्रीट लाइटों और अन्य सामान की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये है। जबकि आरोपी फैक्ट्री संचालक राममेहर जांगड़ा इन नकली लाइटों पर सूर्या कंपनी का मार्का लगाकर पंचायती राज विभाग को सप्लाई करता था। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के हिसाब से इन स्ट्रीट लाइटों की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। आरोपी पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत करके मोटा मुनाफा कमा रहा था। देर रात तक सिविल लाइन पुलिस और कंपनी की टीम फैक्ट्री से नकली स्ट्रीट लाइट और रिकार्ड को कब्जे में लेने के लिए जुटी रही। छापे की सूचना मिलते ही फैक्ट्री का मालिक राममेहर जांगड़ा फैक्ट्री से फरार हो गया।
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जबकि पुलिस की टीम ने फैक्ट्री में काम करने वाले एक कर्मचारी रमेश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल कर्मचारी से पूछताछ में जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में आरोपी फैक्ट्री मालिक को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। छापेमारी टीम में सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल, जयपाल सहित पुलिस की टीम और सूर्या कंपनी के वाइस प्रेजीडेंट राजीव कोठारी, पियूश अग्निहोत्री, कंपनी के लिगल एडवाईजर भूपेंद्र सिंह बिंद्रा, अंकित सिंह, दीपक टोकस सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।  

तीन कंपनियों के लगाए जाते है मार्के
पुलिस द्वारा मारे गए छापे में सामने आया है कि आरोपी फैक्ट्री का मालिक राममेहर सूर्या कंपनी के अलावा हैलोनिक्स और सोनी कंपनी के टैग लगाकर भी स्ट्रीट लाइट सप्लाई करते थे। पुलिस ने तीनों कंपनियों के मार्के सहित पूरा सामान कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा पकड़े गए सामान में ज्यादा सूर्या कंपनी का है। जबकि हेलोनेक्स और सोनी कंपनी का भी कुछ फर्जी सामान पाया गया है। आरोपी तीनों कंपनियों के नाम से लोगों और सरकार से खुली लूट करते थे।

ये सामान किया बरामद
फैक्ट्री में मारे के छापे में पुलिस और सूर्या कंपनी के अधिकारियों ने 30 वाट, 72 वाट और 25 वाट की हजारों की संख्या में स्ट्रीट लाइट, लाइटों में प्रयोग किए जाने वाले ड्राइवर, एलईडी प्लेटस, सूर्या कंपनी का मार्का लगे नकली कैबिनेट, पैनल, एलईडी शीशा, गत्ते की पेटियां, नकली मार्के की टेपरोल, मार्का लगाने की मशीन सहित इलैक्ट्रोनिक उपकरण, डाई, भारी मात्रा में फैक्ट्री का रिकार्ड, कागजात पुलिस ने बरामद कर लिया है।

करनाल के अलावा कई जिले में भेजी जाती थी नकली लाइट
फैैक्ट्री में बनाई जाने वाली नकली स्ट्रीट लाइटों को बनाने से लेकर पंचायती राज विभाग को सप्लाई करने में एक पूरा रैकेट काम करता है। जो लाइटों को बनाने से लेकर पंचायती राज के टेंडर लेने के बाद लाइट सप्लाई करने का काम करता है। यह नकली स्ट्रीट लाइट करनाल जिले के अलावा कई ओर जिले में भी सप्लाई की जाती थी। फैक्ट्री में मिले कागजातों से पता लगा है कि फैक्ट्री के मालिक ने पंचायती राज विभाग अंबाला को भी लाइट भेजी हैं। इस प्रकार पूरे मामले की जांच में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आएगी।

केवल उत्तराखंड में है सूर्या की मैन्यूफैक्चरिंग फैक्ट्री
सूर्या रोशनी प्राइवेट लिमिटेड के एजीएम एस श्रीनिवासन ने बताया कि उनकी कंपनी की मैन्यू फैक्चरिंग यूनिट उत्तराखंड में मालनपुर और काशीपुर में है। जहां सूर्या कंपनी की स्ट्रीट लाइट और अन्य लाइटें बनाई जाती हैं। उनकी हरियाणा में कहीं भी कोई भी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट नहीं है। जबकि मंशा सोलर एनर्जी के नाम से चलने वाली फैक्ट्री में उनकी कंपनी के नाम से नकली स्ट्रीट लाइट बनाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना उन्हें एक सरकारी अधिकारी और अन्य व्यक्ति ने दी तो इसके बाद सिविल लाइन पुलिस को लेकर उन्होंने छापेमारी करवाई।

फैक्ट्री मालिक फरार, कर्मचारी गिरफ्तार
 सूर्या कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर जरनैली कालोनी में मनसा सोलर एनर्जी नाम की कंपनी पर छापा मारा गया था। जिसमें फैक्ट्री के मालिक राममेहर जांगडा की ओर से भारी मात्रा में सूर्या कंपनी का मार्का लगाकर पंचायती राज विभाग को सप्लाई की जा रही थी। करीब 2 करोड़ रुपये की नकली लाइट पकड़ी गई हैं। वहीं कंपनी के कागजातों को भी कब्जे में ले लिया है। एक कर्मचारी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फैक्ट्री का मालिक राममेहर जांगड़ा फिलहाल फरार है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में एक बड़े रैकेट होने का अंदेशा है। मामले की पूरी जांच की जाएगी। जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मोहन लाल, थाना प्रभारी सिविल लाइन थाना, करनाल

अधिकारियों के शामिल होने की आशंका
सूर्या कंपनी के नाम से नकली लाइट पंचायत को सप्लाई करने वाले आरोपी राममेहर जांगड़ा के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने छापेमारी कर करीब दो करोड़ रुपये के नकली सामान और फैक्ट्री के रिकार्ड को कब्जे में ले लिया। इसमें कई सरकारी अधिकारियों के शामिल होने का अंदेशा है। जो भी दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करके आरोपी कंपनी के साथ-साथ सरकार को भी चूना लगा रहे थे।
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-राजीव कोठारी, वाइस प्रसीडेंट, सूर्या रोशनी प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली
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