नगर पालिका सचिव के साथ मारपीट, ठेकेदारों ने दी धमकी
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नगर पालिका कार्यालय में टेंडर की पेमेंट को लेकर दो ठेकेदारों ने नपा सचिव और चतुर्थ कर्मचारी के दुर्व्यवहार कर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। इतना ही नहीं दोनों ठेकेदारों ने सरकारी कामकाज में भी बाधा पहुंचाई। नपा सचिव ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को की है। समाचार लिखे जाने तक किसी ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो पाया था।
बुधवार को लगभग पौने चार बजे एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो ठेकेदार सड़क निर्माण की पेमेंट लेने के लिए नगरपालिका सचिव के पास पहुंचे थे, लेकिन ठेकेदारों की ओर से तैयार करवाए गए बिल में लेखा परीक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। इस पर नपा सचिव रविप्रकाश शर्मा ने लेखा परीक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर करवाने के निर्देश दिए। आरोप है कि ठेकेदारों ने पेमेंट की अदायगी को लेकर अनावश्यक रूप से दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इतना ही नहीं, दोनों ठेकेदारों ने नपा सचिव के साथ अभद्रता शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देने लगे। जब बीच बचाव के लिए चतुर्थ कर्मचारी पवन कुमार पहुंचा तो उसके साथ भी अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद नगरपालिका के अधिकारी व कर्मचारी पुलिस थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत पुलिस को की। नगरपालिका सचिव रविप्रकाश ने बताया कि एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो ठेकेदार उनके पास पेमेंट के लिए आए थे, लेकिन बिल में लेखा परीक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे, लेकिन दो व्यक्तियों ने पेमेंट की अदायगी को लेकर अनावश्यक दबाव बनाना शुरू कर दिया और जब बात नहीं बनी तो दुर्व्यवहार कर मारपीट का प्रयास किया व जान से मारने की धमकी दी।
इसके साथ ही सरकारी कामकाज में बाधा भी पहुंचाई। वहीं, चतुर्थ कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि दोनों ठेकेदार नपा सचिव के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार कर रहे थे, जब उसने बीच-बचाव किया तो उसके साथ भी हाथापाई की तथा जातिसूचक शब्द भी कहें। उधर, ठेकेदारों का कहना है कि आरोप निराधार हैं। थाना प्रभारी राजबीर यादव ने बताया कि नगरपालिका सचिव रविप्रकाश ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट का प्रयास, दुर्व्यवहार, जातिसूचक शब्द, सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने की शिकायत दी है। मामले की जांच की जा रही है।