शहर रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर दूर शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने
मालगाड़ी के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। शनिवार देर रात हुई घटना के बाद
जीआरपी टीम रातभर उनकी शिनाख्त में लगी रही। सुबह होने पर उनके मोबाइल से
शिनाख्त हो गई। प्रेमी जोड़ा कई महीने से घर से फरार था। पुलिस ने
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं। हालांकि इससे पहले परिजनों
ने शव लेने से इंकार कर दिया था।
तरावड़ी वासी बलिंद्र सिंह (26) के
दो बच्चे हैं और उसकी शादी शाहाबाद में हो रखी है। पधाना गांव वासी युवती
नेहा (22) का तीन साल पहले भठेड़ा खालसा गांव वासी सावन के साथ लव मैरिज
हुई थी। इसके बाद बलिंद्र और नेहा में प्रेम प्रसंग चल पड़ा और दोनों घर से
फरार हो गए। रात को दोनों ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। करनाल जीआरपी
प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि उन्हें दिल्ली-अमृतसर रेल ट्रैक पर करनाल
रेलवे स्टेशन के नजदीक एक युवक और युवती द्वारा आत्महत्या कर करने की सूचना
मिली थी। जब वह टीम सहित मौके पर पहुंचे तो रेलवे ट्रैक पर दो शव पड़े थे।
इनमें से एक बलिंद्र का तो दूसरा नेहा का था। थाना प्रभारी अजय कुमार का
कहना है कि दोनों शादीशुदा थे। उन्होंने आत्महत्या क्यों की, इसको लेकर
जांच की जाएगी। वे कई महीने से घर से फरार थे।
युवती का शव लेने से इंकार किया
मेडिकल
कॉलेज में युवती का शव लेने को लेकर भी उलझन बनी रही। लड़के के परिजन शव
लेने आ गए, लेकिन लड़की के मायके व ससुराल वाले शव लेने से मना करने लगे।
दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर शव लेने के लिए दबाव बनाते नजर आए। आखिरकार
ससुराल वालों ने शव लेने से साफ इंकार कर दिया, ऐसे में युवती के मायके
वालों ने शव लिया। इसके बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।
पटरी किनारे मोबाइल रखकर की आत्महत्या
जीआरपी
प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि बलिंद्र और नेहा ने आत्महत्या करने से पहले
मोबाइल पटरी के किनारे रख दिए। मोबाइल के जरिये उनके परिजनों तक पहुंचा
गया। बलिंद्र ने अंतिम कॉल अपने ससुराल शाहाबाद की हुई थी और नेहा के
मोबाइल से अंतिम कॉल इसकी बहन के पास की हुई थी। नेहा के जीजा बलविंद्र से
संपर्क से नेहा की शिनाख्त करवाई और बलिंद्र सिंह की शिनाख्त उसके ससुराल
वालों ने की। पूरे मामले की जांच की जाएगी।