फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal: कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज प्रकरण, छात्राओं और आरोपी ओटी मास्टर से दूसरे दिन भी साढ़े पांच घंटे पूछताछ

Tue, 24 Jan 2023 09:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)

सार

छात्रावास में सुरक्षा बढ़ाई गई है, छात्राओं को आपात स्थिति के लिए मोबाइल नंबर दिए गए हैं। छात्रावास में बैरिकेड लगाए गए और बिना पूछताछ के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। 
विज्ञापन
बात बताते हुए रो पड़ी छात्राएं, जिस पर विधायक इंदूराज भालू और शमशेर सिंह गोगी ने सिर पर हाथ रखा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के करनाल में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन शोषण मामले की जांच प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को भी गुप्त रूप से करीब साढ़े पांच घंटे तक कॉलेज कैंपस में छात्राओं और आरोपी ओटी मास्टर से अलग-अलग बातचीत की गई।

विज्ञापन


इधर, प्रशासनिक खंड, निदेशक कार्यालय व संबंधित विभाग में भी पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा। दूसरी ओर कॉलेज के महिला छात्रावास में भी इस मामले के बाद सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है। बैरिकेडिंग करने के साथ ही हर आने जाने वाले को पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। 

सूत्रों के अनुसार, विधानसभा कमेटी ने मामले की संवेदनशीलता समझते हुए मेडिकल कॉलेज की यौन प्रताड़ना शिकायत निवारण समिति को स्वतंत्र रूप से जांच करने के आदेश दिए हैं। निष्पक्ष जांच करने के लिए समिति को केस से संबंधित किसी भी विभागाध्यक्ष, डॉक्टर व स्टॉफ को पत्र भेजकर पूछताछ में शामिल करने के अधिकार दिए गए हैं।
विज्ञापन


साथ ही जांच की कार्रवाई को प्रभावित करने वाले पर भी मामला दर्ज करवाने का अधिकार दिया गया है। इधर, आरोप लगाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल संपर्क कर सकें। छात्राओं को निदेशक, डीन, पुलिस अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी सहित यौन प्रताड़ना शिकायत निवारण समिति के सदस्यों के मोबाइल नंबर दिए गए हैं। 
 
समिति अपना कार्य कर रही है। हमारा समिति से कोई लिंक नहीं है। समिति निदेशक को अगले 15 दिन बाद अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद निदेशक के माध्यम से विधानसभा कमेटी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। मामले में अंतिम निर्णय विधानसभा कमेटी ही लेगी। - डॉ. हिमांशु मदान, मेडिकल अधीक्षक, केसीजीएससी

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें