गेहूं खरीद घोटाले के आरोप में गिरफ्तार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया है। उस पर दो करोड़ 43.26 लाख रुपये का सरकारी गेहूं गबन करने का आरोप है। बताया जाता है कि आरोपी ने झज्जर जिले के अंबोली गांव में पत्नी के नाम तीन एकड़ और भाई के नाम करीब दो एकड़ जमीन खरीदी है।
आरोपी से अब तक कोई रकम बरामद नहीं हुई है, इसलिए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उसकी संपत्ति की जांच करेगी, जिससे पता लगाया जा सके कि इन रुपयों से आरोपी ने जमीन तो नहीं खरीदी है। वहीं इस मामले में और कौन-कौन लिप्त हैं। इसका भी सुराग लगाया जा रहा है।
बता दें कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का निरीक्षक कपिल देव एक अप्रैल 2019 से दो अगस्त 2021 तक असंध के केंद्र पर तैनात था। तैनाती के दौरान आरोपी निरीक्षक ने एक करोड़ 20 लाख रुपये का सरकारी गेहूं का घोटाला किया था। इसके अलावा गेहूं का उठान न कराकर एक करोड़ 23 लाख 26 हजार रुपये का सरकार को नुकसान पहुंचाया। शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। केस दर्ज करने के बाद निरीक्षक का तबादला यमुना नगर हो गया।
आरोपी गेहूं की मात्रा पूरी दिखाने और वजन बढ़ाने के लिए बोरों पर पानी का छिड़काव भी कराता रहा। इस आरोप में निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी थी मगर आरोपी फरार हो गया। वह कार्रवाई के डर से रिश्तेदारों के पास छिपकर रह रहा था। वर्ष 2023 में निरीक्षक पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो की इंस्पेक्टर सीमा ने बताया कि आरोपी कपिल देव को रविवार को रोहतक के मकडोली टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की संपत्ति की भी जांच की जा रही है। आरोपी के पास से रकम बरामद नहीं हो पाई। संदेह है कि आरोपी ने रकम से जमीन खरीदी है।