हांसी रोड की गली नंबर-11 में रहने वाली एक दसवीं कक्षा की छात्रा द्वारा फांसी लगाने के मामले में एक पुलिस अधिकारी के बेटे के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने से गुस्साए परिजन पोस्टमार्टम के बाद छात्रा की डेड बॉडी मेयर रेणुबाला गुप्ता के घर लेकर पहुंचे। पुलिस से तिलमिलाए परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए, साथ ही आरोपियों की मदद करने की भी बात कही। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक केस दर्ज नहीं होता वे मेयर के घर के बाहर से डेड बॉडी नहीं उठाएंगे।
इसके बाद, मेयर ने मामले को लेकर एसपी से बात की। एसपी ने मामले को लेकर कड़े निर्देश दिए, इस पर सदर बाजार चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि तुरंत केस दर्ज किया जाएगा। वहीं, मेयर ने भी परिजनों को ठोस आश्वासन दिया, इसके बाद ही परिजन शांत हुए करीब एक घंटे के बाद आरोपी राहुल व उसके बहन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया और शाम को लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दें कि शनिवार को हांसी रोड गली नंबर-11 में रहने वाली एक दसवीं कक्षा की छात्रा ने अपने घर में ही फांसी लगा ली। सूचना मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और छात्रा को फांसी से उतारकर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रामा सेंटर में दाखिल करवाया। जहां डॉक्टरों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने छात्रा के शव को कब्जे में लेकर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि छात्रा को उनकी पीछे वाली गली में रहने वाला राहुल और उसकी बहन परेशान करती है। छात्रा की माता ने बताया था कि दो दिन पूर्व भी राहुल की बहन उसकी बेटी के साथ झगड़कर गई थी।
इससे उसकी बेटी काफी परेशान थी। शनिवार दोपहर को उसने फ्रैश होने की बात कही और घर चली गई। घर जाकर छात्रा ने कमरे में पंखे के साथ फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। दोनों आरोपी पुलिस में तैनात सब इंस्पेक्टर के बेटा बेटी है, जो पहले उनकी पीछे वाली गली में रहते थे। वह आजकल नई पुलिस लाइन में सरकारी क्वार्टर में रह रहे हैं। परिजनों की शिकायत के बाद भी शनिवार को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया।
रविवार को पुलिस ने छात्रा के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की ढीली कार्रवाई से परेशान होकर परिजन छात्रा के शव को घर ले जाने की बजाए मेयर रेनू बाला गुप्ता के घर ले गए और पुलिस के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस दौरान परिजनों ने मेयर के सामने पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस पर मेयर रेनू बाला गुप्ता ने मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक पंकज नैन से बात कर पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कही। एसपी पंकज नैन ने सदर बाजार चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह को तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। सदर बाजार चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत किया। साथ ही आश्वासन दिया कि यहां से जाते ही केस दर्ज हो जाएगा। मेयर रेनू बाला गुप्ता ने पीड़ितों को समझाया और उसके बाद ही परिजन छात्रा के शव का संस्कार करने के लिए माने।
वर्जन
लड़की की माता की शिकायत पर दो आरोपियों राहुल और उसकी बहन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने इस मामले में कोई देरी नहीं की है, मामले की रपत कल ही दर्ज कर ली गई थी।
- सुल्तान सिंह, सदर बाजार चौकी इंचार्ज